भोपाल: मां वाग्देवी की प्रतिमा लंदन से भारत लौटेगी, हाईकोर्ट के फैसले के बाद सीएम का बयान
लंदन से भारत लौटेगी 'मां वाग्देवी' की प्रतिमा! भोजशाला पर HC के फैसले के बाद CM मोहन यादव का बड़ा बयान
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भोपाल में धार जिले की भोजशाला को हिन्दू मंदिर के रूप में मान्यता देने के हाईकोर्ट के फैसले के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां वाग्देवी की प्रतिमा को लंदन से वापस लाने का आश्वासन दिया है। यह निर्णय भारतीय संस्कृति और आस्था का सम्मान है और श्रद्धालुओं को पूजा का अधिकार मिलेगा।
- 01हाईकोर्ट के फैसले ने भोजशाला को एक संरक्षित स्मारक के रूप में मान्यता दी है।
- 02मुख्यमंत्री ने मां वाग्देवी की प्रतिमा को लंदन से वापस लाने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश दिए हैं।
- 03भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) भोजशाला के संरक्षण और प्रबंधन का कार्य संभालेगा।
- 04सरकार ने प्रदेश की जनता से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।
- 05भोजशाला को सांस्कृतिक विरासत और आस्था का प्रतीक माना गया है।
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भोपाल में धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला को हिन्दू मंदिर के रूप में मान्यता देने के लिए उच्च न्यायालय के हालिया फैसले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सांस्कृतिक विरासत और आस्था का सम्मान बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारतीय इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। इस फैसले के बाद, भोजशाला को एक संरक्षित स्मारक और मां वाग्देवी की आराधना स्थली के रूप में मान्यता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा को लंदन से वापस लाने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश दिए हैं और राज्य सरकार इस कार्य में हर संभव मदद करेगी। इसके अलावा, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) भोजशाला के संरक्षण और प्रबंधन का कार्य संभालेगा, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना का अधिकार सुनिश्चित होगा। सरकार ने प्रदेश की जनता से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है, यह बताते हुए कि हमारी संस्कृति हमेशा सामाजिक समरसता और भाईचारे को बढ़ावा देती है।
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इस फैसले से भोजशाला के श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना का अधिकार मिलेगा और यह स्थल सांस्कृतिक धरोहर के रूप में संरक्षित होगा।
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