केंद्र सरकार ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि का किया बचाव, अन्य देशों की तुलना में कम वृद्धि का दावा
'कई देशों में कीमतें 100% तक की बढीं', ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी पर रिजीजू ने सरकार का किया बचाव
Jagran
Image: Jagran
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने भारत में ईंधन की कीमतों में वृद्धि का बचाव करते हुए कहा कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 3.2% और 3.4% की वृद्धि की गई है, जबकि अन्य देशों में कीमतें 20% से 100% तक बढ़ी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आर्थिक स्थिरता और जन कल्याण के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रशंसा की।
- 01भारत में पेट्रोल की कीमत में 3.2% और डीजल की कीमत में 3.4% की वृद्धि हुई है।
- 02अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में 44% और डीजल में 48.1% की वृद्धि हुई है।
- 03मलेशिया में पेट्रोल की कीमतों में 89.7% और डीजल में 112.7% की वृद्धि हुई है।
- 04रिजीजू ने कहा कि भारत ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि को सीमित रखा है जबकि अन्य देशों में भारी बढ़ोतरी हुई है।
- 05उन्होंने भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की प्रशंसा की, जिन्होंने नागरिकों को आर्थिक दबाव से बचाने के लिए नुकसान उठाया।
Advertisement
In-Article Ad
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने ईंधन की कीमतों में हाल की वृद्धि का बचाव करते हुए कहा कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 3.2% और 3.4% की वृद्धि की गई है। उन्होंने इस वृद्धि की तुलना अन्य देशों से की, जहां कीमतें 20% से 100% तक बढ़ी हैं, जैसे कि अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में 44% और मलेशिया में 89.7% की वृद्धि हुई है। रिजीजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत ने आर्थिक स्थिरता और जन कल्याण के बीच संतुलन बनाए रखा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने नागरिकों को मुद्रास्फीति और आर्थिक दबाव से बचाने के लिए नुकसान उठाया। रिजीजू ने कहा कि यह जिम्मेदारी से भरा शासन है, जो जनता को सर्वोपरि रखता है।
Advertisement
In-Article Ad
ईंधन की कीमतों में वृद्धि से आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है, जिससे दैनिक जीवन की लागत में वृद्धि हो सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि सरकार को ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए और कदम उठाने चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


-1778865727644.webp&w=1200&q=75)

