भारत-नेपाल रेल परियोजना: काठमांडू को रक्सौल से जोड़ेगी नई रेल लाइन
Indo-Nepal Rail Route: बिहार से नेपाल तक बिछेगी रेलवे पटरी, दिल्ली से काठमांडू की सीधी कनेक्टिविटी
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भारत के बिहार राज्य के रक्सौल से नेपाल की राजधानी काठमांडू तक एक नई विद्युतीकृत रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। इस 136 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना पर लगभग 70,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जो दिल्ली को काठमांडू से सीधे जोड़ने का कार्य करेगी।
- 01रक्सौल से काठमांडू तक 136 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत रेल लाइन का निर्माण
- 02इस परियोजना पर अनुमानित लागत 70,000 करोड़ रुपये
- 03दिल्ली और काठमांडू के बीच सीधा रेल लिंक स्थापित होगा
- 04प्रस्तावित 13 रेलवे स्टेशन, जिनमें वीरगंज और सिसनेरी शामिल हैं
- 05परियोजना के तहत स्थानीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
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भारत के बिहार राज्य के रक्सौल से नेपाल की राजधानी काठमांडू तक एक नई विद्युतीकृत रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देना है। इस परियोजना के लिए विदेश मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 41 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया है। कुल 136 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन पर लगभग 70,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह रेल लाइन रक्सौल से शुरू होकर जीतपुर, निजगढ़ और चोभर होते हुए काठमांडू पहुंचेगी, जिसमें कुल 13 स्टेशन होंगे। वर्तमान में बस से यात्रा करने में 6 घंटे लगते हैं, जबकि रेल द्वारा यात्रा केवल 2 से 2.5 घंटे में पूरी होगी। इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू दिल्ली और काठमांडू के बीच सीधा रेल लिंक स्थापित करना है, जिससे माल ढुलाई में भी कमी आएगी। नेपाल के परिवहन बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ, यह परियोजना भविष्य में दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात और मैत्रीपूर्ण संबंधों के लिए एक बड़ा निवेश साबित होगी।
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यह परियोजना स्थानीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगी, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
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