मां को को-एप्लिकेंट बनाकर होम लोन के फायदे
होम लोन लेने के लिए अपनी मां को बनाएं को-एप्लिकेंट, फायदे-ही-फायदे
Aaj Tak
Image: Aaj Tak
भारतीय परिवारों में मां की भूमिका अब केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि वित्तीय भी बन गई है। मां को को-एप्लिकेंट बनाकर होम लोन लेने से ब्याज दर में छूट, लोन एलिजिबिलिटी में वृद्धि और टैक्स में लाभ मिलता है। इससे प्रॉपर्टी खरीदना अधिक सस्ता और सुलभ हो जाता है।
- 01मां को को-एप्लिकेंट बनाने से होम लोन की लागत कम होती है।
- 02महिलाओं को ब्याज दर में 0.05-0.10% तक की छूट मिलती है।
- 03जॉइंट होम लोन से लोन की एलिजिबिलिटी बढ़ती है।
- 04महिलाएं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.80 लाख रुपये की सब्सिडी पा सकती हैं।
- 05को-एप्लिकेंट के रूप में मां को शामिल करने से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलता है।
Advertisement
In-Article Ad
भारतीय परिवारों में मां की भूमिका अब केवल भावनात्मक सहयोग तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वह वित्तीय मामलों में भी महत्वपूर्ण बन गई हैं। होम लोन लेते समय मां को को-एप्लिकेंट बनाना एक लाभदायक विकल्प है। इससे न केवल ब्याज दर में 0.05-0.10% की छूट मिलती है, बल्कि लोन की एलिजिबिलिटी भी बढ़ जाती है। उदाहरण के लिए, 75 लाख रुपये के होम लोन पर 20 साल की अवधि में एक लाख रुपये से अधिक की बचत की जा सकती है। इसके अलावा, महिलाओं को प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पर कम स्टाम्प ड्यूटी का लाभ मिलता है, जिससे सीधी बचत होती है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को 1.80 लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी भी मिलती है। इस प्रकार, मां को को-एप्लिकेंट बनाने से परिवार की वित्तीय स्थिति मजबूत होती है और प्रॉपर्टी खरीदने की प्रक्रिया अधिक सुलभ हो जाती है।
Advertisement
In-Article Ad
मां को को-एप्लिकेंट बनाकर होम लोन लेने से परिवार की वित्तीय स्थिति में सुधार होता है, जिससे घर खरीदना अधिक सस्ता और सुलभ हो जाता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आप मां को को-एप्लिकेंट बनाकर होम लोन लेने के पक्ष में हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



