सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 19 राज्यों में SIR प्रक्रिया को मिली मंजूरी
19 राज्यों में होगा SIR, SC का बड़ा फैसला, चुनाव आयोग को बड़ी राहत

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सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को वैध करार दिया है, जिससे 19 राज्यों में मतदाता सूची की विशेष समीक्षा संभव हो सकेगी। यह निर्णय लोकतंत्र की पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया को संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के तहत वैध ठहराया।
- 02SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में डुप्लीकेट नाम और मृत मतदाताओं के रिकॉर्ड को हटाया जाएगा।
- 03चुनाव आयोग को अब कानूनी मजबूती मिली है, जिससे वह निष्पक्ष चुनाव कराने में सक्षम होगा।
- 04इस फैसले का राजनीतिक प्रभाव भी होगा, जिससे विपक्षी दलों के सवालों का जवाब मिलेगा।
- 05SIR प्रक्रिया से चुनावी विवाद और फर्जी मतदान की घटनाएं कम होने की संभावना है।
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चुनाव आयोग को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को वैध करार दिया, जिससे 19 राज्यों में मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि चुनाव आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के तहत मतदाता सूची की जांच और संशोधन का अधिकार है। अदालत ने SIR प्रक्रिया को लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक बताया, जिससे फर्जी वोटिंग और डुप्लीकेट एंट्री को हटाने में मदद मिलेगी। चुनाव आयोग अब बूथ स्तर पर घर-घर सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट करने की योजना बना रहा है। इस फैसले का राजनीतिक असर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे चुनावी विवादों में कमी आने की संभावना है और विपक्षी दलों के सवालों का जवाब मिलेगा।
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इस फैसले से 19 राज्यों में मतदाता सूची की शुद्धता बढ़ेगी, जिससे चुनावी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनेगी।
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