भारत का स्वदेशी FICV प्रोजेक्ट: दुश्मनों के लिए खतरा
स्ट्राइकर बेचने को डोरे डालता रह गया यूएस, भारत ने बनाया अपना बाहुबली; रेगिस्तान से बर्फ तक दुश्मन का यमराज

Image: News 18 Hindi
भारतीय सेना ने 60,000 करोड़ रुपये के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत Future Infantry Combat Vehicle (FICV) विकसित किया है। यह वाहन आधुनिक युद्ध की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें उभयचर क्षमता और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली शामिल हैं।
- 01FICV प्रोजेक्ट 60,000 करोड़ रुपये का है और यह भारतीय सेना की युद्ध क्षमता में बड़ा बदलाव लाएगा।
- 02यह वाहन 30mm ऑटोक्रैनन, मशीन गन और एंटी-टैंक मिसाइलों से लैस होगा।
- 03FICV में क्रूलेस बुर्ज और STANAG लेवल-5 की बख्तरबंद सुरक्षा होगी।
- 04यह वाहन रेगिस्तान और नदियों समेत विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों में संचालन करने में सक्षम है।
- 05अभे प्रोजेक्ट के तहत विकसित तकनीकें FICV के लिए आधार प्रदान करती हैं।
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भारतीय सेना ने अपने सबसे बड़े मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट, Future Infantry Combat Vehicle (FICV), की शुरुआत की है, जिसका बजट 60,000 करोड़ रुपये है। यह प्रोजेक्ट 1980 के दशक के पुराने BMP-2 लड़ाकू वाहनों को प्रतिस्थापित करेगा। FICV में 30mm ऑटोक्रैनन, मशीन गन और एंटी-टैंक मिसाइलों जैसी भारी मारक क्षमता होगी। इसके अलावा, इसमें क्रूलेस बुर्ज और STANAG लेवल-5 सुरक्षा प्रणाली शामिल होगी, जो इसे दुश्मनों के लिए एक अभेद्य किला बनाएगी। यह वाहन उभयचर क्षमता के साथ-साथ विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों में संचालन करने में सक्षम होगा, जो इसे भारतीय सीमाओं के लिए अनिवार्य बनाता है। FICV का विकास डीआरडीओ के अभे प्रोजेक्ट से प्रेरित है, जिसने स्वदेशी तकनीक के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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FICV प्रोजेक्ट भारतीय रक्षा उद्योग को मजबूत करेगा और सेना की युद्ध क्षमता में सुधार लाएगा।
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