भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की नई पहल
आयात घटाने और मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर सरकार का जोर, बोले पीयूष गोयल
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Image: Jagran
भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आयात बिल को कम करने के लिए घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने की योजनाओं की घोषणा की है। सरकार विभिन्न उद्योगों के साथ बैठक करके संभावित वस्तुओं की पहचान कर रही है।
- 01भारत हर साल 250 अरब डॉलर से अधिक का आयात करता है, जिसमें कैपिटल गुड्स, मशीन टूल्स, और इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं।
- 02इस साल अप्रैल में वस्तु निर्यात में पिछले साल की तुलना में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
- 03पिछले वित्त वर्ष में भारत में 95 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया, जो 17 प्रतिशत अधिक है।
- 04सरकार ने किसानों को दी जाने वाली खाद की कीमतों में वृद्धि नहीं की है, भले ही पश्चिम एशिया में संकट हो।
- 05भारत में निवेश के प्रति वैश्विक आकर्षण पिछले 12 वर्षों में बुनियादी ढांचे के विकास और कारोबारी नियमों के सरलीकरण के कारण बढ़ा है।
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भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्तावों पर विचार करने की जानकारी दी है। सरकार का उद्देश्य आयात बिल को कम करना है, जिसके लिए कैपिटल गुड्स, केमिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। गोयल ने बताया कि मंत्रालय उन वस्तुओं की पहचान कर रहा है जिनकी मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाई जा सकती है। इस साल अप्रैल में निर्यात में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, और पिछले वित्त वर्ष में 95 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है। गोयल ने यह भी कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत का विकास जारी है और विभिन्न वैश्विक एजेंसियों ने विकास दर 7 प्रतिशत से अधिक रहने की संभावना जताई है।
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सरकार की योजनाओं से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग में वृद्धि होने की संभावना है, जिससे आयात में कमी आएगी और आर्थिक बुनियाद मजबूत होगी।
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