जिंस बाजार में जीएसटी चुनौतियों का समाधान, सेबी का एकीकृत टैक्स सिस्टम का प्रस्ताव
जिंस बाजार में माल एवं सेवा कर की बाधा, इंटीग्रेटेड टैक्स सिस्टम का प्रस्ताव : सेबी
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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने जिंस बाजार की चुनौतियों के समाधान के लिए एकीकृत जीएसटी प्रणाली का प्रस्ताव दिया है। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि इससे डिलिवरी के लिए आवश्यक पंजीकरण की समस्याएं हल होंगी, जिससे बाजार में संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी।
- 01सेबी ने जिंस बाजार में जीएसटी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एकीकृत जीएसटी प्रणाली का प्रस्ताव दिया है।
- 02इस प्रस्ताव से डिलिवरी के लिए आवश्यक पंजीकरण की जटिलताओं को कम किया जा सकेगा।
- 03जिंस बाजार में सोने की डोरस्टेप डिलिवरी जैसी सुविधाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
- 04सेबी ने अन्य नियामकों के साथ बातचीत में सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलने की बात कही।
- 05सीकेवाईसी 2.0 पर काम जारी है, जो वित्तीय प्रणाली में एक ही केवाईसी सुविधा को लागू करेगा।
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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) जिंस बाजार की चुनौतियों के समाधान के लिए एकीकृत जीएसटी प्रणाली का प्रस्ताव दे रहा है। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बताया कि मौजूदा व्यवस्था में डिलिवरी के लिए विभिन्न राज्यों में अलग-अलग जीएसटी पंजीकरण कराना पड़ता है, जो काफी जटिल है। उन्होंने कहा कि अगर डिलिवरी को अंतरराज्यीय आपूर्ति माना जाए, तो इससे टैक्स क्रेडिट में आसानी होगी और केंद्रीयकृत अनुपालन संभव होगा। पांडेय ने यह भी उल्लेख किया कि जिंस बाजार में सोने की डोरस्टेप डिलिवरी जैसी सुविधाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे जीएसटी से जुड़ी समस्याओं का समाधान आवश्यक है। इसके अलावा, सेबी ने अन्य नियामकों के साथ बातचीत में सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि सीकेवाईसी 2.0 पर काम चल रहा है, जो वित्तीय प्रणाली में एक ही केवाईसी सुविधा को लागू करेगा।
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एकीकृत जीएसटी प्रणाली से जिंस बाजार में डिलिवरी की प्रक्रिया सरल होगी, जिससे अधिक निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा।
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