सेबी ने एआईएफ योजनाओं के लिए शुरू की फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया
SEBI का मास्टरस्ट्रोक: AIF योजनाओं के लिए फास्ट-ट्रैक व्यवस्था शुरू, अब कम समय में लॉन्च होंगे फंड
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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (एआईएफ) के लिए फास्ट-ट्रैक व्यवस्था शुरू की है। इस नई प्रक्रिया से एआईएफ को अपने फंड लॉन्च करने में कम समय लगेगा, जिससे पूंजी का तेजी से उपयोग संभव होगा।
- 01सेबी ने एआईएफ के लिए फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया शुरू की है।
- 02निवेशकों को पीपीएम वितरित करने की अनुमति 30 दिन बाद मिलेगी।
- 03पहली बार की योजनाओं के लिए पंजीकरण या 30 दिन के बाद लॉन्च किया जा सकेगा।
- 04नए नियमों के तहत पहले क्लोज़ को 12 महीने के भीतर पूरा करना होगा।
- 05मर्चेंट बैंकरों और एआईएफ मैनेजरों की जिम्मेदारी होगी कि सभी खुलासे सही हों।
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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (एआईएफ) के लिए एक नई फास्ट-ट्रैक व्यवस्था की घोषणा की है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य एआईएफ के निजी नियोजन मेमोरंडम (पीपीएम) की प्रोसेसिंग समयसीमा को कम करना और पूंजी के तेजी से उपयोग को आसान बनाना है। नए नियमों के तहत, एआईएफ को सेबी में आवेदन जमा करने के 30 दिन बाद अपनी योजना लॉन्च करने की अनुमति होगी, जब तक कि कोई अन्य निर्देश न मिले। पहली बार की योजनाओं के लिए, एआईएफ को सेबी से पंजीकरण मिलने के बाद या फाइलिंग के 30 दिन पूरे होने के बाद, जो भी बाद में हो, अपनी योजना शुरू करने की अनुमति होगी। इस प्रक्रिया में सेबी द्वारा दी गई टिप्पणियों को योजना शुरू करने से पहले शामिल करना होगा। नए नियमों के अनुसार, किसी योजना का पहला क्लोज़ एआईएफ लॉन्च की तारीख से 12 महीने के भीतर पूरा होना चाहिए। सभी खुलासे की जिम्मेदारी मर्चेंट बैंकरों और एआईएफ मैनेजरों पर होगी।
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यह नई प्रक्रिया एआईएफ के लिए फंड लॉन्च करने की गति को बढ़ाएगी, जिससे निवेशकों को जल्दी से निवेश के अवसर मिलेंगे।
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