तृणमूल कांग्रेस की चुनावी चुनौतियाँ: 150 सीटों पर दावा, 50 पर ही कानूनी लड़ाई
दावे 150 के, तैयारी सिर्फ 50 की! ममता के 'चुनावी जंग' की धार कुंद कर रहे खुद के ही हारे हुए प्रत्याशी

Image: Jagran
बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की स्थिति कमजोर हो गई है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने 150 सीटों पर भाजपा द्वारा वोट लूटने का दावा किया था, लेकिन अब पार्टी केवल 50 सीटों पर कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। हार के बाद के उम्मीदवार अब कानूनी लड़ाई में शामिल होने को तैयार नहीं हैं।
- 01ममता बनर्जी ने भाजपा पर 150 सीटों पर वोट लूटने का आरोप लगाया था।
- 02तृणमूल कांग्रेस अब केवल 50 सीटों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
- 03पराजित उम्मीदवारों ने नेतृत्व को बताया कि कानूनी लड़ाई का कोई राजनीतिक लाभ नहीं है।
- 04पार्टी मतदाता सूची में नाम हटाने और मतगणना में विसंगतियों को चुनौती देने की योजना बना रही है।
- 05राज्य उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने इसे पार्टी की साख बचाने की लड़ाई बताया।
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बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भाजपा पर 'वोट लूट' का आरोप लगाते हुए एक कानूनी लड़ाई की योजना बनाई थी। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने 150 सीटों पर वोट लूटने का दावा किया, लेकिन अब केवल 50 सीटों पर ही मुकदमा करने की तैयारी कर रही हैं। हार के बाद, तृणमूल के पराजित उम्मीदवारों ने पार्टी नेतृत्व से स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद इस कानूनी लड़ाई का कोई राजनीतिक लाभ नहीं होगा। इसके साथ ही, पार्टी ने मतदाता सूची से नाम हटाने और मतगणना में विसंगतियों को अदालत में चुनौती देने की योजना बनाई है। राज्य उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने इसे केवल हार-जीत की लड़ाई नहीं, बल्कि पार्टी की साख बचाने की लड़ाई बताया है। ममता बनर्जी जून के पहले सप्ताह में अदालत में याचिकाएं दायर करने की तैयारी कर रही हैं, क्योंकि नियमानुसार परिणाम के 45 दिनों के भीतर याचिका दायर की जा सकती है।
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तृणमूल कांग्रेस की कानूनी लड़ाई का असर राज्य की राजनीतिक स्थिति और पार्टी की साख पर पड़ेगा।
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