काकोली घोष दस्तीदार के टीएमसी से इस्तीफे की टाइमलाइन
काकोली घोष... ममता की सबसे करीबी नेता के इस्तीफे तक कैसे आ गई बात, पूरी टाइमलाइन

Image: Aaj Tak
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी संगठन से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बारासात के जिलाध्यक्ष पद से पहले इस्तीफा दिया था। उनके असंतोष के पीछे पार्टी की हार और ममता बनर्जी द्वारा चीफ व्हिप पद से हटाना है।
- 01काकोली घोष दस्तीदार ने टीएमसी संगठन में सभी पदों से इस्तीफा दिया है, लेकिन पार्टी की सदस्यता नहीं छोड़ी है।
- 02विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष बढ़ा है, जिसमें काकोली घोष का नाम प्रमुख है।
- 03काकोली घोष को हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा वाई सिक्योरिटी प्रदान की गई थी।
- 04उन्होंने 2009 में बारासात से पहली बार टीएमसी के टिकट पर चुनाव जीता था और तब से लगातार सांसद बनी हुई हैं।
- 05काकोली घोष दस्तीदार स्वास्थ्य सेवाओं और महिलाओं के अधिकारों के मुद्दों पर संसद में सक्रिय रही हैं।
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पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी संगठन से इस्तीफा दे दिया है। बारासात से सांसद काकोली घोष ने पहले बारासात जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था और अब उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया है। उनका असंतोष पार्टी की हार के बाद से बढ़ा है, खासकर जब ममता बनर्जी ने उन्हें लोकसभा में चीफ व्हिप के पद से हटा दिया था। इस निर्णय से काकोली घोष नाराज थीं और उन्होंने अपनी नाराजगी सोशल मीडिया पर भी व्यक्त की थी। उनके इस्तीफे के तुरंत बाद, केंद्र सरकार ने उन्हें वाई सिक्योरिटी प्रदान की। काकोली घोष दस्तीदार ने 2009 में बारासात से पहली बार टीएमसी के टिकट पर चुनाव जीता था और वे चार बार सांसद रह चुकी हैं। पेशे से डॉक्टर, काकोली घोष स्वास्थ्य सेवाओं और महिलाओं के अधिकारों पर संसद में सक्रिय रही हैं।
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काकोली घोष का इस्तीफा टीएमसी के भीतर असंतोष को दर्शाता है, जिससे पार्टी की स्थिति कमजोर हो सकती है।
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