JEE Advanced 2026: पेपर-2 की कठिनाई ने छात्रों को किया चुनौतीपूर्ण
JEE Advanced 2026: पेपर-1 के मुकाबले कठिन रहा पेपर-2, लेंदी कैलकुलेशन के कारण टाइम मैनेजमेंट बनी चुनौती

Image: Jagran
जेईई एडवांस्ड 2026 की परीक्षा 16 जुलाई को जमशेदपुर में आयोजित की गई, जिसमें लगभग 1200 छात्रों ने भाग लिया। पेपर-2 की कठिनाई और लंबाई के कारण छात्रों को समय प्रबंधन में कठिनाई हुई, खासकर फिजिक्स के सवालों में। छात्रों ने पेपर-1 की तुलना में पेपर-2 को अधिक चुनौतीपूर्ण बताया।
- 01परीक्षा में कुल 360 अंक थे, पेपर-1 में 48 प्रश्न और पेपर-2 में 54 प्रश्न पूछे गए।
- 02छात्रों के अनुसार, फिजिक्स का सेक्शन सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण था।
- 03गणित के सवालों को छात्रों ने औसत स्तर का बताया, जबकि रसायन शास्त्र का पेपर आसान था।
- 04पेपर-2 की लंबाई के कारण कई छात्रों ने सभी प्रश्न हल नहीं किए।
- 05छात्रों ने परीक्षा के बाद संभावित कट-ऑफ पर चर्चा की।
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जेईई एडवांस्ड 2026 की परीक्षा 16 जुलाई को जमशेदपुर के तीन केंद्रों पर आयोजित की गई, जिसमें लगभग 1200 छात्रों ने भाग लिया। परीक्षा का संचालन आईआईटी रुड़की द्वारा किया गया। परीक्षा में कुल 360 अंक थे, जिसमें पेपर-1 में 48 प्रश्न और पेपर-2 में 54 प्रश्न शामिल थे। छात्रों का कहना है कि पेपर-2 की कठिनाई और लंबाई ने उन्हें समय प्रबंधन में समस्याएं दीं। विशेष रूप से फिजिक्स का सेक्शन सबसे चुनौतीपूर्ण रहा, जिसमें न्यूमेरिकल सवालों ने छात्रों का काफी समय लिया। गणित के सवालों को छात्रों ने औसत स्तर का बताया, जबकि रसायन शास्त्र का पेपर अपेक्षाकृत आसान था। छात्रों ने पेपर-1 की तुलना में पेपर-2 को अधिक कठिन माना और कई छात्रों ने सभी प्रश्नों को समय पर हल नहीं कर सके। परीक्षा के बाद, छात्रों ने संभावित कट-ऑफ पर चर्चा की।
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परीक्षा की कठिनाई और लंबाई ने छात्रों के लिए सफलता की संभावनाओं को प्रभावित किया है।
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