पुलिस पाठशाला ने 100 बच्चों के खोले बैंक खाते, आर्थिक जागरूकता की नई पहल
पुलिस पाठशाला ने 100 बच्चों के खोले बैंक खाते, गुल्लक बैंक से मिली नई उड़ान

Image: Jagran
मुजफ्फरपुर, बिहार में कन्हौली टीओपी परिसर की पुलिस पाठशाला ने 100 बच्चों के लिए बैंक खाते खोले हैं, जिससे उनकी छोटी बचत को सुरक्षित करने का अवसर मिला है। इस पहल से बच्चों को आर्थिक जागरूकता और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया जा रहा है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
- 01पुलिस पाठशाला के तहत 100 बच्चों के बैंक खाते खोले गए हैं, जो एसबीआई में खोले गए हैं।
- 02आईपीएस अधिकारी अवधेश सरोज दीक्षित ने 10 बच्चों के खातों में प्रोत्साहन स्वरूप ₹1,000 की राशि जमा कराई।
- 03एसबीआई के चीफ जनरल मैनेजर अनुराग जोशी ने बच्चों को पासबुक सौंपते हुए इस पहल की सराहना की।
- 04पुलिस पाठशाला में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ बचत और जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है।
- 05इस कार्यक्रम में कई स्थानीय व्यक्तियों का सहयोग रहा, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में मदद की।
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मुजफ्फरपुर, बिहार के कन्हौली टीओपी परिसर में चल रही पुलिस पाठशाला ने 100 बच्चों के लिए बैंक खाते खोले हैं, जो उनकी छोटी बचत को सुरक्षित रखने में मदद करेगा। यह पहल बच्चों को आर्थिक जागरूकता और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। एसबीआई के साथ मिलकर चलाए जा रहे इस कार्यक्रम में, आईपीएस अधिकारी अवधेश सरोज दीक्षित ने 10 बच्चों के खातों में प्रोत्साहन स्वरूप ₹1,000 की राशि जमा कराई। एसबीआई के चीफ जनरल मैनेजर अनुराग जोशी ने बच्चों को पासबुक सौंपते हुए कहा कि यह पहल समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को शिक्षा सामग्री, ड्रेस और शुद्ध पेयजल की सुविधा भी प्रदान की गई है। पुलिस पाठशाला की संचालिका नसीमा खातून और अन्य स्थानीय व्यक्तियों ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस तरह की पहलें वंचित बच्चों के लिए बदलाव की नई मिसाल बन रही हैं।
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यह पहल बच्चों को बचत करने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सकेगा।
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