बंगाल सरकार के नए सर्कुलर पर विवाद: कर्मचारियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश
सरकारी कर्मचारियों के सर्कुलर पर विवाद, 24 घंटे में सरकार ने सीमित किया दायरा

Image: Jagran
बंगाल सरकार के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल द्वारा जारी सर्कुलर में सरकारी कर्मचारियों के मीडिया से बातचीत पर रोक लगाने का प्रावधान किया गया था, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ। 24 घंटे के भीतर, सरकार ने आदेश का दायरा सीमित कर दिया, जिससे केवल नियमित विभागों और अर्द्ध-सरकारी संस्थाओं के कर्मचारियों पर यह लागू होगा।
- 01मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल द्वारा जारी सर्कुलर में मीडिया से बातचीत पर रोक लगाने का प्रावधान था।
- 02विपक्ष और वकील समुदाय ने सरकार पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
- 03नवीनतम संशोधन के अनुसार, नियम केवल राज्य सरकार के नियमित विभागों और अर्द्ध-सरकारी संस्थाओं के कर्मचारियों पर लागू होगा।
- 04शिक्षा क्षेत्र को इस आदेश से बाहर रखा गया है।
- 05सरकार का तर्क है कि यह कदम प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
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बंगाल सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के मीडिया से बातचीत और सार्वजनिक टिप्पणी पर नियंत्रण संबंधी सर्कुलर ने राज्य में तीखी बहस को जन्म दिया है। मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल के निर्देश में बिना अनुमति मीडिया में बयान देने, लेख लिखने, सरकारी नीतियों की आलोचना करने और सरकारी दस्तावेज साझा करने पर रोक लगाने का प्रावधान था। इस पर विपक्ष, वकील समुदाय और मीडिया के एक हिस्से ने सरकार पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित करने का आरोप लगाया। विवाद बढ़ने के बाद, सरकार ने 24 घंटे के भीतर नए निर्देश जारी कर आदेश का दायरा सीमित कर दिया। संशोधित निर्देश के अनुसार, यह नियम केवल राज्य सरकार के नियमित विभागों, सरकारी बोर्डों, नगर निकायों, निगमों और अर्द्ध-सरकारी संस्थाओं के कर्मचारियों पर लागू होगा। शिक्षा क्षेत्र को इस आदेश से बाहर रखा गया है। हालांकि, आइएएस, डब्ल्यूबीसीएस और पुलिस सेवा जैसे स्थायी सरकारी अधिकारियों पर मीडिया में जानकारी साझा करने संबंधी सख्ती अब भी कायम है। सरकार का तर्क है कि यह कदम प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने और संवेदनशील सूचनाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है।
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इस सर्कुलर का प्रभाव सरकारी कर्मचारियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पड़ेगा, जिससे वे मीडिया में अपनी राय व्यक्त करने में संकोच कर सकते हैं।
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