सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति को विमानन विश्वविद्यालय कर्मी की बर्खास्तगी का अधिकार दिया
राष्ट्रपति को विमानन विश्वविद्यालय कर्मी को बर्खास्त करने का अधिकार, सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाईकोर्ट का फैसला

Image: Jagran
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति के अधिकार को मान्यता दी है। यह निर्णय इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले को पलटते हुए आया है, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पास ऐसा अधिकार नहीं है।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय के पहले रजिस्ट्रार जितेंद्र सिंह की बर्खास्तगी को सही ठहराया।
- 02जितेंद्र सिंह की नियुक्ति 2019 में विश्वविद्यालय अधिनियम के विशेष प्रविधानों के तहत हुई थी।
- 03उन्हें 2020 में प्रोबेशन अवधि के दौरान बर्खास्त किया गया था, जिसके बाद कानूनी लड़ाई शुरू हुई।
- 04हाईकोर्ट ने पहले बर्खास्तगी को रद्द करते हुए कहा था कि अनुशासनात्मक कार्रवाई का अधिकार विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के पास है।
- 05सुप्रीम कोर्ट ने इस व्याख्या को खारिज करते हुए राष्ट्रपति की भूमिका को उचित और न्यायसंगत बताया।
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भारत के सुप्रीम कोर्ट ने राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय के 'विजिटर' के रूप में राष्ट्रपति को विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार दिया है। यह निर्णय इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को पलटते हुए आया है, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पास ऐसा अधिकार नहीं है। यह मामला विश्वविद्यालय के पहले रजिस्ट्रार जितेंद्र सिंह से जुड़ा है, जिन्हें 2020 में प्रोबेशन अवधि के दौरान बर्खास्त किया गया था। उनके खिलाफ आरोप थे कि उन्होंने अनुशासनहीनता और गंभीर अवज्ञा की है। हाईकोर्ट ने पहले उनकी बर्खास्तगी को रद्द करते हुए कहा था कि अनुशासनात्मक कार्रवाई का अधिकार विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के पास है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस व्याख्या को खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रपति का हस्तक्षेप उचित था। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने स्पष्ट किया कि इस मामले में विजिटर की भूमिका महत्वपूर्ण है।
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इस निर्णय का प्रभाव विश्वविद्यालयों में कर्मचारियों के अनुशासनात्मक मामलों पर पड़ेगा, जिससे भविष्य में बर्खास्तगी की प्रक्रिया में राष्ट्रपति की भूमिका को मान्यता मिलेगी।
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