69 लाख का विला, SUV, जेवर, 1.5 लाख नगद... कौन हैं IRS प्रभा भंडारी, जिनके खिलाफ CBI ने लिया एक्शन
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लखनऊः महिला आईआरएस अधिकारी पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया गया है. सीबीआई ने सीजीएसटी झांसी की तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी पर मामला दर्ज किया गया है. प्रभा भंडारी पर करीब 43 लाख रुपए की अवैध संपत्ति जुटाने का आरोप है. डेढ़ करोड़ जीएसटी घूस कांड में प्रभा भंडारी की गिरफ्तारी हुई थी. सीबीआई ने प्रभा भंडारी को गिरफ्तार किया था. आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर सीबीआई ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. बता दें कि प्रभा भंडारी साल 2016 बैच की आईआरएस( कस्टम्स एवं अप्रत्यक्ष कर) अधिकारी हैं. 1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2025 के बीच प्रभा भंडारी ने आय से 43.18 लाख रुपए अधिक खर्च किए. 69 लाख का विला खरीदकर चर्चा में आईं सीबीआई की शुरुआती जांच में सामने आया कि प्रभा भंडारी ने झांसी के “नमो होम्स” में करीब 69.91 लाख कीमत का एक विला खरीदा. इसके अलावा उनके बैंक डिपॉजिट, जेवर ,एसयूवी और तलाशी के दौरान बरामद 1.5 लाख नगद का भी जिक्र एफआईआर में है. जीएसटी मामलों में राहत देने के बदले कारोबारी से घूस लेने में प्रभा भंडारी गिरफ्तार हुई थीं. बीते 24 मार्च 2026 को सीबीआई ने झांसी सीजीएसटी के तत्कालीन अधीक्षक अजय शर्मा, अनिल तिवारी के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति के अलग-अलग मामले दर्ज किए थे. दोनों अफसर को 31 दिसंबर 2025 को ट्रैप कार्रवाई में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. साल 2025 में प्रभा भंडारी की हुई थी नियुक्ति बता दें कि साल 2025 में झांसी में सेंट्रल जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर पद पर नियुक्ति हुई थी. 6 माह के कार्यकाल के दौरान ही उनपर घूसखोरी का आरोप लगा. 68 लाख का विला खरीदने के बाद वह जांच एजेंसियों के टारगेट पर आई थीं. प्रभा भंडारी को दोनों सुप्रीटेंडेंट के साथ पकड़ा गया. मामले में फर्म मालिक राजू मंगनानी और वकील नरेश कुमार गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया था. कब का है यह मामला बता दें कि मामला 18 दिसंबर को शुरू हुआ था. प्रभा भंडारी के नेतृत्व में सीजीएसटी टीम ने झांसी के झोकन बाग में जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म पर छापा मारा था. फर्म पर टैक्स गड़बड़ी का आरोप था. 13 करोड़ रुपये के करीब टैक्स वसूली का मामला बन रहा था. इसके बाद मामले को निपटाने के लिए डेढ़ करोड़ की रिश्वत मांगी गई थी.
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