जमशेदपुर में लोन रिकवरी एजेंटों की मनमानी पर एएसपी का सख्त बयान
लोन की किस्त टूटने पर रिकवरी एजेंटों की मनमानी नहीं चलेगी: एएसपी बोले- 'रास्ते में गाड़ी रोकना डकैती'

Image: Jagran
जमशेदपुर के एएसपी ऋषभ त्रिवेदी ने लोन की किस्तें बकाया होने पर रिकवरी एजेंटों द्वारा वाहन जब्ती को गैरकानूनी बताया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर गाड़ी रोकना और चाबी छीनना डकैती की श्रेणी में आता है। वाहन मालिकों को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी गई है।
- 01एएसपी ने स्पष्ट किया कि रिकवरी एजेंटों द्वारा वाहन जब्ती का तरीका गैरकानूनी है।
- 02वाहन जब्ती के लिए केवल न्यायालय, SARFAESI अधिनियम, या स्वेच्छा से सरेंडर के तरीके वैध हैं।
- 03जमशेदपुर में पुलिस रिकवरी एजेंटों की गतिविधियों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाएगी।
- 04ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे बदसलूकी की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
- 05बदसलूकी की शिकायत RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर बैंकिंग लोकपाल से भी की जा सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
जमशेदपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ऋषभ त्रिवेदी ने वाहन मालिकों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने बैंक या वित्तीय संस्थान से लोन पर वाहन लिया है और किस्तें बकाया हैं, तो रिकवरी एजेंटों द्वारा वाहन को जबरन कब्जे में लेना अवैध है। एएसपी ने बताया कि सड़क पर गाड़ी रोकना और चाबी छीनना डकैती की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि वाहन जब्ती के लिए केवल तीन कानूनी तरीके हैं: न्यायालय के माध्यम से, SARFAESI अधिनियम के तहत, या स्वेच्छा से वाहन का समर्पण। इसके अलावा, किसी भी अन्य तरीके से वाहन जब्त करना पूरी तरह से अवैध है। एएसपी ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी रिकवरी एजेंट बदसलूकी करता है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इसके साथ ही, पुलिस शहर में रिकवरी एजेंटों के प्रोफाइल की जांच के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने जा रही है।
Advertisement
In-Article Ad
यह निर्देश वाहन मालिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हैं और उन्हें अवैध रिकवरी गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करते हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि रिकवरी एजेंटों की गतिविधियों पर सख्त नियम होने चाहिए?
Connecting to poll...
More about भारतीय रिजर्व बैंक
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।







