आरबीआई की सख्त नीति: रुपये की गिरावट रोकने के लिए उठाए जा सकते हैं ये कदम
'रुपये' की रक्षा के लिए सख्त मूड में RBI, आम आदमी को लग सकता है जोर का झटका; जानिए क्या है '3 in 1' प्लान?

Image: Jagran
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रुपये की गिरावट को रोकने के लिए ब्याज दरों में वृद्धि, करेंसी स्वैप में वृद्धि और विदेशी निवेशकों से डॉलर जुटाने जैसे सख्त कदम उठा सकता है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में हुई बैठकों में इन उपायों पर चर्चा की गई है।
- 01आरबीआई रुपये को स्थिर करने के लिए ब्याज दरों में वृद्धि सहित कई उपायों पर विचार कर रहा है।
- 02आरबीआई की मौद्रिक नीति की घोषणा 5 जून को होगी।
- 03अनिवासी भारतीयों के लिए जमा योजनाओं के माध्यम से 50 अरब डॉलर जुटाने की संभावना है।
- 04आरबीआई ने पहले 20 मई को बैंकिंग सिस्टम में 5 अरब डॉलर की नकदी डालने का एलान किया था।
- 05डॉलर-रुपये की खरीद-बिक्री स्वैप नीलामी 26 मई को आयोजित की जाएगी।
Advertisement
In-Article Ad
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रुपये की हालिया गिरावट को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की योजना बना रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, RBI ब्याज दरों में वृद्धि, करेंसी स्वैप में वृद्धि और विदेशी निवेशकों से डॉलर जुटाने जैसे उपायों पर विचार कर रहा है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में हुई आंतरिक बैठकों में रुपये के मूल्य में गिरावट के कारणों और संभावित उपायों पर चर्चा की गई। इस सप्ताह रुपये ने डॉलर के मुकाबले लगभग 97 के नए निचले स्तर को छुआ। RBI की मौद्रिक नीति की घोषणा 5 जून को होने वाली है। एक सूत्र ने बताया कि अनिवासी भारतीयों के लिए जमा योजनाओं के माध्यम से 50 अरब डॉलर जुटाने की संभावना है, जो पहले के अनुमान से अधिक है। इसके अतिरिक्त, RBI ने 20 मई को बैंकिंग प्रणाली में 5 अरब डॉलर की नकदी डालने का भी एलान किया था। डॉलर-रुपये की खरीद-बिक्री स्वैप नीलामी 26 मई को आयोजित की जाएगी, जिससे विदेशी मुद्रा बचाने और रुपये को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
Advertisement
In-Article Ad
अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो यह आम आदमी के लिए लोन की EMI बढ़ा सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि RBI को रुपये की स्थिरता के लिए और सख्त कदम उठाने चाहिए?
Connecting to poll...
More about भारतीय रिजर्व बैंक
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।







