झामुमो और कांग्रेस ने पीएम मोदी की अपील पर उठाए सवाल, आर्थिक विफलताओं का आरोप
चुनाव खत्म, उपदेश शुरू! पीएम मोदी की अपील पर झामुमो-कांग्रेस का तीखा पलटवार, कहा- आर्थिक विफलता का बोझ जनता पर क्यों?
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झारखंड के सत्ताधारी दल झामुमो और कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोलियम और विदेशी वस्तुओं के उपयोग में कटौती की अपील पर तीखा हमला किया है। दोनों दलों का कहना है कि चुनाव खत्म होते ही सरकार जनता को त्याग का उपदेश दे रही है, जबकि आर्थिक संकट की जिम्मेदारी सरकार की है।
- 01झामुमो और कांग्रेस ने पीएम मोदी की अपील पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
- 02दोनों दलों का आरोप है कि सरकार चुनाव के बाद जनता को त्याग का उपदेश दे रही है।
- 03महंगाई और बेरोजगारी के बढ़ते स्तर पर चिंता जताई गई है।
- 04कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जनता कब तक सरकार की आर्थिक विफलताओं का बोझ उठाएगी।
- 05झामुमो ने कहा कि सरकार को भाषण नहीं, ठोस जवाब देने की जरूरत है।
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झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर तीखा पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने पेट्रोलियम पदार्थों और विदेशी वस्तुओं के उपयोग में कटौती करने का आग्रह किया है। झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि चुनाव खत्म होते ही पीएम मोदी ने त्याग का उपदेश देना शुरू किया है, जबकि आर्थिक संकट की स्थिति पहले से मौजूद थी। उन्होंने सवाल किया कि जब वैश्विक तनाव और युद्ध की स्थिति थी, तब प्रधानमंत्री ने त्याग की अपील क्यों नहीं की? वहीं, कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी के चरम पर होने के बावजूद सरकार जनता को त्याग का उपदेश दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बड़े आयोजनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, जबकि आम जनता की जरूरतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। दोनों दलों ने सरकार से ठोस जवाब की मांग की है।
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इस स्थिति का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है, जो महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही है।
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