झारखंड में भाषा विवाद पर झामुमो और कांग्रेस में बढ़ी तनातनी
झारखंड में भाषा विवाद पर गठबंधन में रार, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के बयान पर भड़का झामुमो
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झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की टिप्पणी पर नाराजगी जताई है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व पर मगही और भोजपुरी को क्षेत्रीय भाषा की सूची में शामिल कराने में उदासीनता का आरोप लगाया। झामुमो ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन के भीतर एकता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
- 01झामुमो ने वित्त मंत्री की टिप्पणी पर नाराजगी जताई।
- 02कांग्रेस पर मगही और भोजपुरी को क्षेत्रीय भाषा में शामिल कराने में उदासीनता का आरोप।
- 03झामुमो ने 2024 के विधानसभा चुनावों में एकता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- 04महंगाई और गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर झामुमो ने आंदोलन की योजना बनाई।
- 05सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
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झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की उस टिप्पणी पर नाराजगी व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व पर मगही और भोजपुरी को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में शामिल कराने में कोई पहल न करने का आरोप लगाया। झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि इस तरह की बातें गठबंधन के भीतर रहनी चाहिए थीं। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 के विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन ने राज्य के विकास के लिए मिलकर काम करने का जनादेश प्राप्त किया है। इसके साथ ही, झामुमो ने महंगाई और एलपीजी गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के खिलाफ आंदोलन की योजना बनाई है। पार्टी ने सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया है।
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झामुमो का आंदोलन महंगाई और गैस सिलेंडर की कीमतों के खिलाफ आम जनता को प्रभावित करेगा।
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