भारत की अग्नि-6 मिसाइल का विकास, डीआरडीओ प्रमुख की पुष्टि
'अग्नि-6 मिसाइल के लिए हम पूरी तरह तैयार'; बोले DRDO प्रमुख
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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख समीर वी कामत ने कहा है कि भारत अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि-6' के विकास के लिए पूरी तरह तैयार है। यह मिसाइल 10,000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक मार करने में सक्षम होगी, जो चीन के सामरिक ठिकानों को निशाना बना सकेगी।
- 01अग्नि-6 की मारक क्षमता 10,000 किलोमीटर से अधिक होगी।
- 02डीआरडीओ अग्नि-6 के विकास के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
- 03अग्नि-5 पहले से तैनात है और इसकी रेंज 5,000 किलोमीटर से अधिक है।
- 04हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल का परीक्षण जल्द ही किया जाएगा।
- 05एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने पारंपरिक और आधुनिक हथियारों के संतुलित उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख समीर वी कामत ने बताया कि भारत अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि-6' के विकास के लिए पूरी तरह तैयार है। यह मिसाइल 10,000 किलोमीटर से अधिक की मारक क्षमता रखेगी, जिससे यह चीन के महत्वपूर्ण सामरिक ठिकानों को निशाना बना सकेगी। वर्तमान में भारत के पास अग्नि-5 है, जो 5,000 किलोमीटर से अधिक की रेंज में सक्षम है। डीआरडीओ ने कहा कि अग्नि-6 के विकास की प्रक्रिया केंद्र सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगी। इसके अलावा, कामत ने हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल के विकास में प्रगति की भी जानकारी दी। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कहा कि भविष्य के युद्ध में केवल ड्रोन और मिसाइलों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा, और पारंपरिक हथियारों का संतुलित उपयोग आवश्यक है।
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अग्नि-6 की विकास प्रक्रिया भारत की सामरिक क्षमताओं को मजबूत करेगी, जिससे देश की सुरक्षा में सुधार होगा।
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