आदि कैलाश यात्रा 2026: पंजीकरण, मार्ग और आवश्यक जानकारी
आदि कैलाश यात्रा 2026: रजिस्ट्रेशन, रूट मैप, जरूरी दस्तावेज और नियमों की पूरी जानकारी; जाने से पहले जरूर पढ़ें
Ndtv
Image: Ndtv
आदि कैलाश यात्रा 2026 का शुभारंभ 1 मई को होगा, जिसके लिए पंजीकरण 28 अप्रैल से शुरू हो चुका है। श्रद्धालुओं को इनर लाइन परमिट प्राप्त करना अनिवार्य है। यात्रा पिथौरागढ़ से शुरू होकर धारचूला होते हुए आदि कैलाश और ॐ पर्वत तक पहुंचती है।
- 01आदि कैलाश यात्रा 1 मई 2026 से शुरू होगी।
- 02पंजीकरण प्रक्रिया 28 अप्रैल से शुरू हो चुकी है।
- 03इनर लाइन परमिट (ILP) यात्रा के लिए अनिवार्य है।
- 04यात्रा का मार्ग पिथौरागढ़ से धारचूला होते हुए जाता है।
- 05स्थानीय अर्थव्यवस्था को यात्रा से सकारात्मक प्रभाव मिल रहा है।
Advertisement
In-Article Ad
आदि कैलाश यात्रा 2026 का आयोजन 1 मई से शुरू होगा, जिसके लिए पंजीकरण 28 अप्रैल से ऑनलाइन किया जा सकता है। श्रद्धालुओं को पिथौरागढ़ जिला प्रशासन की वेबसाइट या उत्तराखंड पर्यटन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कराना होगा। यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट (ILP) आवश्यक है, जिसे ऑनलाइन या धारचूला में एसडीएम कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। आदि कैलाश, जो समुद्र तल से 5,945 मीटर (19,505 फीट) ऊँचा है, और ॐ पर्वत, जो 6,191 मीटर (20,312 फीट) ऊँचा है, भारत-तिब्बत-चीन सीमा पर स्थित महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं। यात्रा के लिए अब तक 155 यात्रियों ने आवेदन किया है, जिसमें से 50 को इनर लाइन परमिट जारी किया जा चुका है। यात्रा मार्ग पिथौरागढ़ से शुरू होकर धारचूला, तावघाट, पांगल, मालपा, बूंदी, गरब्यांग, छियालेख और गूंजी होते हुए जाता है। स्थानीय निवासियों ने होमस्टे और छोटे होटल विकसित किए हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है।
Advertisement
In-Article Ad
आदि कैलाश यात्रा से स्थानीय होमस्टे और होटल व्यवसाय को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि आदि कैलाश यात्रा को और विकसित किया जाना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




