भारत के रक्षा निर्यात में 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य: रक्षा सचिव
'2029 तक 50000 करोड़ रुपये के पार पहुंच जाएगा डिफेंस एक्सपोर्ट', बोले रक्षा सचिव राजेश सिंह
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भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा है कि भारत 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात के लक्ष्य को पार कर लेगा। पिछले वर्ष, रक्षा निर्यात में 61 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 38,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वैश्विक मांग और संघर्षों के कारण भारतीय रक्षा प्रणालियों की मांग बढ़ रही है।
- 01भारत का रक्षा निर्यात 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये को पार कर सकता है।
- 02पिछले वर्ष रक्षा निर्यात में 61% की वृद्धि हुई।
- 03एशिया और अफ्रीका के देशों में भारतीय रक्षा प्रणालियों की मांग बढ़ रही है।
- 04सरकार उत्पादन क्षमता बढ़ाने और प्रक्रियागत देरी कम करने पर जोर दे रही है।
- 05भारत को अपनी मिसाइल रणनीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
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रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 'एएनआई राष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन 2.0' में कहा कि भारत 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात के लक्ष्य को आसानी से पार कर लेगा। पिछले वर्ष, भारत का रक्षा निर्यात लगभग 38,000 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल में 61 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने बताया कि वैश्विक संघर्षों के कारण पारंपरिक हथियारों की मांग में तेजी आई है, विशेषकर एशिया और अफ्रीका के देशों में। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र का रक्षा निर्यात में योगदान बढ़ रहा है। सिंह ने यह भी संकेत दिया कि भारत को अपनी मिसाइल रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा, खासकर पश्चिम एशिया के संघर्षों और पाकिस्तान की सैन्य तैयारी के संदर्भ में। सरकार उत्पादन क्षमता बढ़ाने और प्रक्रियागत देरी कम करने के लिए औद्योगिक भागीदारी को बढ़ावा देगी, ताकि मिसाइल और अन्य रक्षा प्रणालियों का उत्पादन तेज हो सके।
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इससे भारत के रक्षा उद्योग में वृद्धि होगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
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