भारत का पहला स्वदेशी वायर-गाइडेड टॉरपीडो तैयार, नौसेना की ताकत में वृद्धि
दुश्मन की खैर नहीं! भारत के इस 'छुपा रुस्तम' हथियार से समंदर में मचेगी खलबली, नौसेना की बढ़ी ताकत
Ndtv
Image: Ndtv
भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने भारतीय नौसेना के लिए पहला प्रोडक्शन-ग्रेड वायर-गाइडेड हेवी वेट टॉरपीडो विकसित किया है। यह स्वदेशी टॉरपीडो दुश्मन के जहाजों और पनडुब्बियों को निशाना बनाने में सक्षम है, जिससे भारत की नौसैनिक क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
- 01भारत का पहला प्रोडक्शन-ग्रेड वायर-गाइडेड हेवी वेट टॉरपीडो तैयार किया गया है।
- 02यह टॉरपीडो विशाखापत्तनम स्थित DRDO की NSTL के सहयोग से विकसित किया गया है।
- 03इसकी मारक क्षमता लगभग 40 किलोमीटर और गति लगभग 40 नॉट्स है।
- 04टॉरपीडो में फाइबर ऑप्टिक वायर-गाइडेंस और एकॉस्टिक होमिंग सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकें हैं।
- 05यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नौसेना की क्षमता को मजबूत करेगा।
Advertisement
In-Article Ad
भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ने भारतीय नौसेना के लिए पहला प्रोडक्शन-ग्रेड वायर-गाइडेड हेवी वेट टॉरपीडो विकसित किया है, जो पूरी तरह से स्वदेशी है। यह टॉरपीडो विशाखापत्तनम स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की नेवल साइंस एंड टेक्नोलॉजिकल लैबोरेटरी (NSTL) के सहयोग से तैयार किया गया है। इसकी खासियत यह है कि यह दुश्मन के जहाजों और पनडुब्बियों को निशाना बनाने में सक्षम है। इस टॉरपीडो की मारक क्षमता लगभग 40 किलोमीटर है और इसकी गति 40 नॉट्स है। इसमें फाइबर ऑप्टिक वायर-गाइडेंस और एकॉस्टिक होमिंग सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं, जो इसे दुश्मन की आवाज पहचानने और ट्रैक करने में मदद करती हैं। यह टॉरपीडो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे भारत की नौसैनिक और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर क्षमता में वृद्धि होगी।
Advertisement
In-Article Ad
यह टॉरपीडो भारतीय नौसेना की क्षमताओं को बढ़ाएगा, जिससे देश की सुरक्षा मजबूत होगी।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि भारत को अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



