टाइटन और कल्याण ज्वैलर्स के राजस्व में वृद्धि, लेकिन मुनाफे पर दबाव
टाइटन और कल्याण ज्वैलर्स के राजस्व में बंपर उछाल, लेकिन मुनाफे के मार्जिन पर दिखा दबाव; विश्लेषक चिंतित
Business Standard
Image: Business Standard
टाइटन कंपनी और कल्याण ज्वैलर्स ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में क्रमशः 81% और 66% राजस्व वृद्धि दर्ज की। हालांकि, टाइटन का मुनाफा दबाव में रहा, जिससे विश्लेषकों ने भविष्य के मार्जिन पर चिंता जताई। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव से मांग प्रभावित हो सकती है।
- 01टाइटन का राजस्व 81% बढ़ा, जबकि कल्याण का 66% बढ़ा।
- 02टाइटन का मुनाफा दबाव में, मार्जिन 11.1% पर गिरा।
- 03सोने की कीमतों में बढ़ोतरी से ज्वैलरी की मांग प्रभावित हो सकती है।
- 04मौजूदा तिमाही में ग्राहक मांग मजबूत रही।
- 05ब्रोकरेज ने टाइटन को खरीद की रेटिंग दी है।
Advertisement
In-Article Ad
टाइटन कंपनी और कल्याण ज्वैलर्स ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में अपने राजस्व में क्रमशः 81% और 66% की वृद्धि दर्ज की। टाइटन का ज्वैलरी सेगमेंट, जो कुल राजस्व का लगभग 90% योगदान देता है, ने डिजिटल गोल्ड और बुलियन की बिक्री में 89% की वृद्धि के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, टाइटन का मुनाफा दबाव में रहा, जहां परिचालन मुनाफा 11.1% पर गिर गया। विश्लेषकों का मानना है कि यदि सोने की कीमतें बढ़ती रहीं, तो ज्वैलरी सेगमेंट के मार्जिन को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा। कल्याण ज्वैलर्स ने भी भारतीय बाजार में 68% की वृद्धि दर्ज की, जिससे उनकी बिक्री में 47% की बढ़ोतरी हुई। ब्रोकरेज फर्मों ने टाइटन को सकारात्मक रेटिंग दी है, लेकिन सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव से भविष्य की मांग पर असर पड़ सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को सोने की बढ़ती कीमतों के कारण नए आभूषण खरीदने में मुश्किल हो सकती है, जिससे उनकी खरीदारी की क्षमता प्रभावित होगी।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव ज्वैलरी की मांग को प्रभावित करेगा?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




