मुजफ्फरपुर अग्निकांड: सरकारी डॉक्टर की गिरफ्तारी और निजी अस्पताल में भूमिका पर जांच
प्रसाद हास्पिटल अग्निकांड : मुजफ्फरपुर में सरकारी डॉक्टर, निजी अस्पताल और गिरफ्तारी... जांच के घेरे में कई सवाल
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बिहार के मुजफ्फरपुर में प्रसाद अस्पताल अग्निकांड के आरोपी डॉ. पंकज कुमार की गिरफ्तारी के बाद उनकी सरकारी सेवा में निजी अस्पताल से जुड़े रहने की जांच शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट मांगी है और स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
- 01डॉ. पंकज कुमार सितंबर 2020 से बंदरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
- 02गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. पंकज की निजी अस्पताल में भूमिका की जांच शुरू की है।
- 03पीएचसी प्रभारी ने डॉ. पंकज से स्पष्टीकरण मांगा है और रिपोर्ट सिविल सर्जन को भेजी जाएगी।
- 04डॉ. पंकज की सरकारी ड्यूटी के दौरान निजी अस्पताल में सक्रिय रहने के सवाल उठ रहे हैं।
- 05अग्निकांड में 6 मरीजों की मौत के बाद प्रसाद अस्पताल का लाइसेंस रद्द किया गया है।
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मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में हुए अग्निकांड के आरोपी डॉ. पंकज कुमार की गिरफ्तारी के बाद उनकी सरकारी सेवा में निजी अस्पताल से जुड़े रहने की जांच की जा रही है। डॉ. पंकज, जो सितंबर 2020 से बंदरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं, ने अपनी नियमित ड्यूटी के दौरान निजी अस्पताल में कार्य करने की आशंका को जन्म दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में रिपोर्ट तलब की है और पीएचसी प्रभारी ने डॉ. पंकज से स्पष्टीकरण मांगा है। सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह भी बताया गया है कि डॉ. पंकज की गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है और कई स्वास्थ्यकर्मी मामले की जानकारी जुटाने में सक्रिय हैं। इस अग्निकांड में 6 मरीजों की मौत के बाद प्रसाद अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।
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इस मामले से स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के बीच चर्चा और चिंता बढ़ गई है।
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