Uttarakhand में चुनाव आयोग की अनुमति से होंगे प्रशासनिक तबादले
Uttarakhand: अब चुनाव आयोग की अनुमति से ही होंगे तबादले, एसआईआर के दौरान लागू रहेगी व्यवस्था

Image: Amar Ujala
उत्तराखंड में चुनाव आयोग की अनुमति के बिना प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले नहीं होंगे। यह नियम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान लागू किया गया है, जो 8 जून से शुरू होगा।
- 01चुनाव आयोग की अनुमति के बिना अब प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले नहीं होंगे।
- 02विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 8 जून से 7 जुलाई तक चलेगा।
- 03एसआईआर के दौरान तबादलों के लिए आयोग की पूर्वानुमति अनिवार्य होगी।
- 04अगर आयोग अनुमति नहीं देता, तो संबंधित अधिकारी का तबादला नहीं किया जा सकेगा।
- 05इस प्रक्रिया में जिलों के प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षक शामिल हैं।
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उत्तराखंड में चुनाव आयोग ने एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले अब चुनाव आयोग की अनुमति के बिना नहीं किए जा सकेंगे। यह व्यवस्था विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान लागू की गई है, जो 8 जून से शुरू होकर 7 जुलाई तक चलेगा। चुनाव आयोग ने इस निर्णय का कारण बताया है कि एसआईआर के दौरान अधिकारियों के बीच तबादले से व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं। पिछले कुछ महीनों से चुनाव आयोग इस प्रक्रिया के लिए तैयारियों में जुटा था, जिसमें बीएलओ मैपिंग और अन्य कार्य शामिल हैं। इस दौरान, यदि चुनाव आयोग किसी अधिकारी के तबादले की अनुमति नहीं देता है, तो सरकार उस अधिकारी का तबादला नहीं कर सकेगी। यह नियम चुनाव आचार संहिता के समान है, जिसमें आयोग की अनुमति के बिना तबादले नहीं होते।
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इस नियम के लागू होने से प्रशासनिक कार्यों में स्थिरता बनी रहेगी, जिससे चुनावी प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आएगी।
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