गांव ने ऐतिहासिक श्री राधा-कृष्ण मंदिर के संरक्षण के लिए उठाया कदम
जहां कृष्ण ने रखे थे 7 कदम! अब उसी धरोहर को बचाने के लिए जुटा पूरा गांव
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सीकर जिले के कदमा का बास गांव के लोगों ने 500 वर्ष पुराने श्री राधा-कृष्ण मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य अपने हाथ में लिया है। इसकी लागत लगभग 10 करोड़ रुपये है और इसे पूरा करने में दो वर्ष का समय लगेगा।
- 01गांव के लोग 500 वर्ष पुराने श्री राधा-कृष्ण मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य कर रहे हैं।
- 02इस कार्य पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
- 03कदमा का बास गांव का इतिहास संवत 1030 के हर्ष शिलालेख में मिलता है।
- 04भगवान कृष्ण से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, यहां सात कदंब वृक्ष हैं।
- 05ग्रामीणों ने कुंड की सफाई और परिसर की व्यवस्था सुधारने के लिए श्रमदान किया है।
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सीकर जिले के कदमा का बास गांव के लोगों ने 500 वर्ष पुराने श्री राधा-कृष्ण मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किया है, जिसमें लगभग 10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह कार्य जनसहयोग और श्रमदान के माध्यम से किया जा रहा है, और इसे पूरा करने में लगभग दो वर्ष लगेंगे। मंदिर के साथ-साथ पौराणिक कुंड के संरक्षण और सौंदर्यीकरण का भी काम किया जा रहा है। गांव का इतिहास संवत 1030 के हर्ष शिलालेख में 'कर्दमखता' नाम से मिलता है, और यह क्षेत्र धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, भगवान कृष्ण ने यहां सात कदम रखे थे, जिसके कारण यहां कदंब वृक्ष उत्पन्न हुए। ग्रामीण समय-समय पर इन वृक्षों और कुंड के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाते हैं। इस प्रकार, मंदिर का जीर्णोद्धार अब गांव में एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
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गांव के लोग अपने ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए सक्रिय हैं, जिससे स्थानीय संस्कृति और धार्मिक आस्था को मजबूती मिलेगी।
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