राजयोगी संतोष ने कुरुक्षेत्र में सकारात्मक सोच की शक्ति पर दिया व्याख्यान
जैसे चुंबक का क्षेत्र, वैसे ही विचारों का भी आभामंडल : राजयोगी संतोष
Amar Ujala
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कुरुक्षेत्र, हरियाणा में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोगी बीके संतोष ने सकारात्मक सोच और राजयोग के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सकारात्मक संकल्प जीवन की दिशा बदल सकते हैं और आंतरिक आनंद केवल आत्मा की स्थिति से प्राप्त होता है।
- 01पॉजिटिव सोच से जीवन की दिशा बदल सकती है।
- 02राजयोग के अभ्यास से आंतरिक आनंद प्राप्त होता है।
- 03सकारात्मक संकल्प आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।
- 04जगदीश की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
- 05सकारात्मक गीतों पर योगाभ्यास किया गया।
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कुरुक्षेत्र स्थित विश्व शांति धाम सेवा केंद्र में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोगी बीके संतोष ने जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि विचारों की तरंगें वातावरण को प्रभावित करती हैं और सकारात्मक संकल्प जीवन की दिशा बदल सकते हैं। राजयोग के अभ्यास से आत्मा की आंतरिक स्थिति में आनंद प्राप्त होता है। बीके संतोष ने दिवंगत जगदीश की 25वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके त्याग और अनुशासन की सराहना की। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को सकारात्मक सोच और श्रेष्ठ संकल्पों का अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में योगाभ्यास और मौन ध्यान का भी आयोजन किया गया।
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यह कार्यक्रम समाज में आध्यात्मिक जागृति और सकारात्मक परिवर्तन को बढ़ावा देने का माध्यम बन सकता है।
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