सैलरी से सीधे कटेगा म्यूचुअल फंड SIP: जानें टैक्स लाभ और निवेश के फायदे
Payroll Mutual Fund SIP: सैलरी से सीधे कटेगा एसआईपी! क्या कर्मचारियों को मिलेगी टैक्स राहत

Image: News 18 Hindi
भारत में नौकरीपेशा लोगों के लिए सैलरी से सीधे म्यूचुअल फंड SIP कटने की नई प्रणाली शुरू की जा रही है। हालांकि, इस प्रणाली से टैक्स छूट नहीं मिलेगी। एक्सपर्ट्स इसे निवेश का आसान तरीका मानते हैं, जो हर महीने निवेश की आदत विकसित करेगा।
- 01नए ‘पेरोल लिंक्ड म्यूचुअल फंड SIP’ से सैलरी से सीधे निवेश होगा, लेकिन टैक्स बेनिफिट नहीं मिलेगा।
- 02EPF और NPS की तरह इस नए SIP पर भी सैलरी से पहले टैक्स कटेगा।
- 03यदि निवेशक ELSS में निवेश करते हैं, तो उन्हें धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलेगी।
- 04यह प्रणाली निवेश को आसान बनाएगी और हर महीने बिना चूके निवेश करने की आदत विकसित करेगी।
- 05यह कदम पहली बार निवेश करने वालों के लिए भी सुविधाजनक होगा।
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भारत में सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) द्वारा प्रस्तावित ‘पेरोल लिंक्ड म्यूचुअल फंड SIP’ प्रणाली नौकरीपेशा लोगों के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश को आसान बनाएगी। इस प्रणाली के तहत, सैलरी से सीधे म्यूचुअल फंड SIP का पैसा कटेगा, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसमें कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी। वर्तमान में, EPF और NPS के विपरीत, इस प्रणाली में सैलरी पर पहले टैक्स लगेगा, और फिर बची हुई राशि से SIP का पैसा कटेगा। हालांकि, यदि निवेशक इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) में निवेश करते हैं, तो उन्हें इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत छूट मिलेगी। इस प्रणाली के कई फायदे हैं, जैसे कि हर महीने निवेश करने की आदत विकसित करना और पहली बार निवेश करने वालों के लिए इसे आसान बनाना।
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इस प्रणाली से नौकरीपेशा लोगों को हर महीने निवेश करने की आदत विकसित करने में मदद मिलेगी।
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