भारत में लीची की कीमतों में वृद्धि: उत्पादन में कमी और बढ़ती मांग का असर
Litchi Price Hike: दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा लीची उत्पादक देश भारत; निर्यात भी नाममात्र, फिर क्यों महंगी बिक रही लीची?
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भारत, जो दुनिया में लीची का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, ने पिछले साल 1 लाख टन से कम लीची का उत्पादन किया। घरेलू बाजार में बढ़ती मांग के कारण लीची की कीमतें बढ़ गई हैं, जबकि निर्यात में कमी आई है।
- 01भारत में लीची का उत्पादन पिछले साल 5 लाख टन रहा, जबकि पहले यह 7.2-8 लाख टन था।
- 02बिहार में सबसे अधिक 1 लाख 36 हजार टन लीची का उत्पादन हुआ।
- 03भारत ने पिछले साल केवल 25 करोड़ रुपये की लीची का निर्यात किया।
- 04लीची की सेल्फ लाइफ केवल 2 दिन होती है, जिससे निर्यात में कठिनाई होती है।
- 05बढ़ती मांग और उत्पादन में कमी के कारण घरेलू बाजार में लीची की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
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भारत, जो कि दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा लीची उत्पादक देश है, ने पिछले वर्ष केवल 5 लाख टन लीची का उत्पादन किया, जो कि पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है। प्रमुख उत्पादन राज्य बिहार, पंजाब, और बंगाल हैं, जहां क्रमशः 1 लाख 36 हजार, 75 हजार, और 73 हजार टन लीची का उत्पादन हुआ। हालांकि, भारत ने पिछले साल केवल 25 करोड़ रुपये की लीची का निर्यात किया, जिसका मुख्य कारण लीची की सीमित सेल्फ लाइफ और निर्यात में आने वाली बाधाएं हैं। घरेलू बाजार में लीची की मांग बढ़ने से कीमतों में भी उछाल आया है। पिछले साल के मुकाबले प्रमुख महानगरों में लीची की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जो उत्पादन में कमी और मांग में वृद्धि का परिणाम है।
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बढ़ती मांग और उत्पादन में कमी के कारण लीची की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
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