सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट में लंबित जमानत याचिकाओं पर चिंता जताई
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट में लंबित याचिकाओं को लेकर जताई चिंता, कहा- आपकी आलोचना नहीं कर रहे लेकिन...
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सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट में लंबित जमानत याचिकाओं की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने जमानत मामलों की सुनवाई में देरी को न्याय व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया और जमानत मामलों की लिस्टिंग के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिकाओं की सुनवाई में हो रही देरी पर चिंता जताई।
- 02जमानत मामलों की लिस्टिंग के लिए स्वचालित सॉफ्टवेयर प्रणाली का उपयोग करने का निर्देश दिया गया।
- 03इलाहाबाद और पटना हाई कोर्ट में लंबित मामलों की स्थिति चिंताजनक बताई गई।
- 04फॉरेंसिक रिपोर्टों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों से समन्वय करने को कहा गया।
- 05पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के लिए जमानत सुनवाई के दौरान उनकी बात सुनने का अधिकार सुनिश्चित किया गया।
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सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में हाई कोर्ट में लंबित जमानत याचिकाओं की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने कहा कि जमानत मामलों की सुनवाई में हो रही देरी न्याय व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। इस संदर्भ में, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत मामलों की लिस्टिंग के लिए एक स्वचालित सॉफ्टवेयर प्रणाली का उपयोग करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, जमानत याचिकाओं की पहली सुनवाई से पहले स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करना अनिवार्य किया गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट में लंबित जमानत याचिकाओं की संख्या बहुत अधिक है, जबकि वहां के जज प्रतिदिन सैकड़ों मामलों की सुनवाई कर रहे हैं। अदालत ने सुझाव दिया कि जमानत याचिकाओं के निपटारे के लिए अधिकतम समय-सीमा तय की जाए। पटना हाई कोर्ट में भी जमानत मामलों की सुनवाई महीनों तक टल जाती है, जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई। अदालत ने फॉरेंसिक रिपोर्टों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों से समन्वय करने को कहा है।
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यह निर्णय जमानत याचिकाओं के निपटारे में तेजी लाने और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।
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