भुवनेश्वर में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन, मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक विरासत पर जोर दिया
भुवनेश्वर में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन, सीएम बोले- सोमनाथ पश्चिम के प्रहरी और लिंगराज पूर्व की शक्ति
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भुवनेश्वर, ओडिशा में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमनाथ और लिंगराज मंदिर के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ओडिशा को सांस्कृतिक राजधानी बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की और 330 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की।
- 01सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न
- 02मुख्यमंत्री ने ओडिशा को सांस्कृतिक राजधानी बनाने की योजना का उल्लेख किया
- 03330 करोड़ रुपये का विकास कार्य एकाम्र क्षेत्र में किया जाएगा
- 04सोमनाथ भारत के आत्मसम्मान का प्रतीक है
- 05सरकार 'ऑरेंज इकोनॉमी' को बढ़ावा दे रही है
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सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भुवनेश्वर, ओडिशा में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कार्यक्रम में भाग लेते हुए सोमनाथ और लिंगराज मंदिर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ पश्चिम का प्रहरी है, जबकि लिंगराज पूर्व की शक्ति है। मुख्यमंत्री ने ओडिशा को सांस्कृतिक राजधानी बनाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और एकाम्र क्षेत्र के विकास के लिए 330 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की। इसके अलावा, 1000 करोड़ रुपये की लागत से श्रीजगन्नाथ संग्रहालय का निर्माण भी प्रस्तावित है। उन्होंने 'ऑरेंज इकोनॉमी' के माध्यम से पर्यटन और रोजगार सृजन पर जोर दिया। कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
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यह आयोजन ओडिशा की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा और पर्यटन के माध्यम से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाएगा।
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