लखनऊ में कुकरैल नाइट सफारी की सुनवाई 13 मई को, मिल सकता है अंतिम अनुमोदन
कुकरैल नाइट सफारी के लिए बस अंतिम मुहर का इंतजार... 13 मई को SC में होगी सुनवाई, मिलेगा सिंगापुर जैसा रोमांच
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित कुकरैल नाइट सफारी के लिए सुप्रीम कोर्ट में 13 मई को सुनवाई होगी। यदि कोर्ट हरी झंडी देता है, तो यह भारत की पहली और विश्व की पांचवीं नाइट सफारी बन जाएगी। पर्यावरणीय प्रभाव की जांच के बाद सरकार ने आवश्यक शर्तें मानने का आश्वासन दिया है।
- 0113 मई को सुप्रीम कोर्ट में कुकरैल नाइट सफारी की सुनवाई होगी।
- 02नाइट सफारी के लिए पर्यावरणीय प्रभाव की जांच पहले ही की जा चुकी है।
- 03सरकार ने सीईसी की शर्तों को मानने का आश्वासन दिया है।
- 04यदि अनुमोदन मिलता है, तो यह भारत की पहली नाइट सफारी होगी।
- 05परियोजना में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कई शर्तें लागू की गई हैं।
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित कुकरैल नाइट सफारी की अंतिम बाधा 13 मई को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से दूर हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट की केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) ने पिछले वर्ष पर्यावरणीय प्रभाव की जांच की थी और अपनी रिपोर्ट 27 नवंबर को प्रस्तुत की थी। नाइट सफारी के लिए आवश्यक सभी अनुमतियाँ पहले ही प्राप्त की जा चुकी हैं। योगी सरकार इस परियोजना को देश की पहली और विश्व की पांचवीं नाइट सफारी के रूप में विकसित करना चाहती है। सीईसी ने नाइट सफारी को सैद्धांतिक अनुमति दी है, लेकिन इसके साथ कई पर्यावरणीय और प्रशासनिक शर्तें भी जोड़ी हैं। सरकार ने इन शर्तों को मानने का आश्वासन दिया है, जिससे कोर्ट से हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। यदि कोर्ट अनुमति देता है, तो नाइट सफारी का काम जल्द ही शुरू हो सकता है।
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यदि नाइट सफारी शुरू होती है, तो यह लखनऊ में पर्यटन को बढ़ावा देगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था में सुधार कर सकती है।
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