तेलंगाना में 800 साल पुराने शिव मंदिर का ध्वंस, स्थानीय लोगों में आक्रोश
तेलंगाना में 800 साल पुराने शिव मंदिर ध्वस्त, फूटा लोगों का गुस्सा
Aaj Tak
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तेलंगाना के वारंगल जिले में 800 साल पुराने शिव मंदिर को गिराए जाने से स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा भड़क उठा है। मंदिर का ध्वंस एक इंटीग्रेटेड स्कूल प्रोजेक्ट के लिए भूमि समतलीकरण के दौरान हुआ, जिसके खिलाफ गांववालों और राजनीतिक नेताओं ने विरोध जताया है।
- 01800 साल पुराना शिव मंदिर काकतीय युग का है।
- 02मंदिर का ध्वंस इंटीग्रेटेड स्कूल प्रोजेक्ट के लिए किया गया।
- 03स्थानीय लोगों ने सरकार से मंदिर की मरम्मत की मांग की थी।
- 04राजनीतिक नेताओं ने मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग की है।
- 05जिला कलेक्टर ने पुरातत्व विभाग से सलाह लेने का आश्वासन दिया।
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तेलंगाना के वारंगल जिले के अशोक नगर गांव में एक प्राचीन शिव मंदिर को गिरा दिया गया है, जो लगभग 800 साल पुराना बताया जाता है। यह मंदिर काकतीय युग का है और इसे एक इंटीग्रेटेड स्कूल प्रोजेक्ट के लिए भूमि समतलीकरण के दौरान ध्वस्त किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार सरकार से इस जर्जर इमारत की मरम्मत करने की अपील की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस घटना के बाद गांववालों और राजनीतिक नेताओं ने सरकार की आलोचना की है और मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग की है। विधायक डोंथी माधव रेड्डी ने आश्वासन दिया कि मंदिर को फिर से बनाया जाएगा और उसमें देवी सरस्वती की मूर्ति भी स्थापित की जाएगी। जिला कलेक्टर सत्य शारदा ने प्राचीन स्मारकों के संरक्षण के महत्व पर जोर दिया और कहा कि प्रशासन पुरातत्व विभाग से सलाह लेकर मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए कदम उठाएगा।
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मंदिर का ध्वंस स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर को नुकसान पहुंचाता है और लोगों में असंतोष बढ़ा रहा है।
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