बिहार की लीची पर स्टिंग बग का खतरा, सरकार ने विशेषज्ञों की टीम गठित की
बिहार की लीची पर स्टिंग बग का खतरा, कीड़ों से बचाने के लिए सरकार ने उतारी विशेषज्ञों की टीम
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बिहार, भारत में लीची की फसल को स्टिंग बग के हमले का खतरा है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में विशेषज्ञों की टीम गठित की है, जो एक सप्ताह में नुकसान का आकलन कर समाधान पेश करेगी। यह कीट फलों की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है, जिससे किसानों को बाजार में उचित मूल्य मिलने में कठिनाई हो सकती है।
- 01बिहार में लीची पर स्टिंग बग का खतरा बढ़ा है।
- 02सरकार ने विशेषज्ञों की टीम गठित की है।
- 03टीम एक सप्ताह में नुकसान का आकलन करेगी।
- 04स्टिंग बग से फलों की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
- 05किसानों को उचित मूल्य मिलने में कठिनाई हो सकती है।
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बिहार, भारत में लीची की फसल को स्टिंग बग कीट के हमले का खतरा बढ़ गया है, जिससे किसानों में चिंता का माहौल है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने एक विशेष कार्यबल (टास्क फोर्स) का गठन किया है, जो प्रभावित क्षेत्रों में जाकर फसल क्षति का वैज्ञानिक अध्ययन करेगी। यह टीम एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। स्टिंग बग के हमले से लीची की गुणवत्ता प्रभावित होती है, फल सिकुड़ने लगते हैं और समय से पहले गिर जाते हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मुद्दे पर किसानों की चिंताओं को सुनने के बाद तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कार्यबल में कृषि वैज्ञानिकों, कीट विशेषज्ञों और बागवानी अधिकारियों को शामिल किया गया है, और इसका नेतृत्व राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर के निदेशक करेंगे। यदि समय पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो इसका असर निर्यात और स्थानीय बाजार दोनों पर पड़ सकता है।
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अगर स्टिंग बग का प्रकोप नियंत्रण में नहीं आया, तो इससे किसानों को लीची की फसल का उचित मूल्य नहीं मिल सकेगा, जो उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
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