अन्नामलाई ने तीन-भाषा नीति के खिलाफ उठाई आवाज, कहा- छात्रों पर बढ़ेगा मानसिक तनाव
क्या है 3-भाषा रूल? जिसका अन्नामलाई ने किया विरोध, कहा- बिना बात के बढ़ रहा मानसिक तनाव

Image: Jagran
भारतीय जनता पार्टी के नेता के. अन्नामलाई ने केंद्र सरकार से तीन-भाषा नीति को वापस लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस नीति के लागू होने से छात्रों और अभिभावकों पर अनावश्यक मानसिक तनाव बढ़ेगा। अन्नामलाई ने इसे 2029-30 तक स्थगित करने की मांग की है।
- 01अन्नामलाई ने CBSE की तीन-भाषा नीति को लेकर चिंता जताई है, जो कक्षा 9 से लागू होगी।
- 02उन्होंने कहा कि छात्रों को नई भाषा सीखने के लिए कम समय दिया जा रहा है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ेगा।
- 03इस नीति के तहत छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें से दो भारतीय भाषाएं होनी चाहिए।
- 04CBSE ने पहले घोषणा की थी कि यह नियम 2029-30 से लागू होगा, लेकिन अब इसे तुरंत लागू किया जा रहा है।
- 05अन्नामलाई ने केंद्र सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की है।
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भारतीय जनता पार्टी के नेता के. अन्नामलाई ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह तीन-भाषा नीति को वापस ले। उन्होंने कहा कि यह नीति छात्रों और अभिभावकों के लिए मानसिक तनाव का कारण बनेगी। अन्नामलाई ने बताया कि CBSE ने पहले घोषणा की थी कि कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा को अनिवार्य बनाने का नियम 2029-30 के एकेडमिक वर्ष से लागू होगा, लेकिन अब इसे इसी वर्ष लागू करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी पसंद की भाषा चुनने का मौका दिया गया था, लेकिन अब उन्हें नई भाषा सीखने के लिए कम समय दिया जा रहा है। अन्नामलाई ने इस नीति के तहत छात्रों को तीन भाषाएं पढ़ने की आवश्यकता पर चिंता जताई, जिसमें दो भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से इस निर्णय को पुनर्विचार करने की मांग की है।
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छात्रों को नई भाषा सीखने के लिए कम समय मिलने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है, जिससे उनकी शैक्षणिक प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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