क्वाड की स्थिति: ट्रंप के राज में कमजोर हुआ गठबंधन
ट्रंप के राज में हिल गया QUAD का मकसद, बिना कुछ किए ही चीन कैसे जीत गया?

Image: News 18 Hindi
भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का गठबंधन क्वाड, चीन की बढ़ती ताकत के खिलाफ बना था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के चलते यह कमजोर हो गया है। हाल ही में हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में कोई महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लिया गया, जिससे भारत को नुकसान हो सकता है।
- 01क्वाड का गठन चीन की दादागिरी को रोकने के लिए किया गया था, लेकिन ट्रंप की नीतियों ने इसे कमजोर कर दिया है।
- 02हाल ही में नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक हुई, लेकिन कोई लीडर्स समिट की तारीख तय नहीं हो पाई।
- 03ट्रंप प्रशासन द्विपक्षीय सौदों पर अधिक ध्यान दे रहा है, जिससे क्वाड की सामूहिक ताकत कमजोर हो रही है।
- 04चीन के प्रति अमेरिका का नरम रुख क्वाड के मूल उद्देश्य को कमजोर कर रहा है।
- 05अगर यही स्थिति बनी रही, तो क्वाड एक 'पोटेमकिन अलायंस' बनकर रह जाएगा, जो दिखने में मजबूत लेकिन अंदर से खोखला होगा।
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भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का गठबंधन क्वाड का गठन चीन की बढ़ती ताकत को रोकने के लिए किया गया था। हालाँकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'व्यापारिक कूटनीति' ने इस गठबंधन की स्थिति को कमजोर कर दिया है। हाल ही में नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में कोई महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लिया गया, जिससे भारत को नुकसान हो सकता है। ट्रंप प्रशासन द्विपक्षीय सौदों पर अधिक ध्यान दे रहा है, जिससे क्वाड की सामूहिक ताकत कमजोर हो रही है। डॉ. ब्रह्मा चेलानी ने चेतावनी दी है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो क्वाड केवल एक 'पोटेमकिन अलायंस' बनकर रह जाएगा, जो दिखने में मजबूत लेकिन अंदर से खोखला होगा।
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भारत को क्वाड की मेज़बानी का मौका खोने का खतरा है, जिससे उसकी अंतरराष्ट्रीय स्थिति प्रभावित हो सकती है।
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