फैक्ट चेक: शिया धर्मगुरु यासूब अब्बास का विवादास्पद बयान फर्जी साबित हुआ
फैक्ट चेक: शिया धर्मगुरु यासूब अब्बास ने बकरीद के बारे में नहीं दिया ये विवादित बयान, फर्जी है ये पोस्टकार्ड

Image: Aaj Tak
सोशल मीडिया पर एक पोस्टकार्ड के माध्यम से शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास के हवाले से एक विवादास्पद बयान वायरल हुआ, जिसमें कहा गया था कि अगर मुसलमानों की सरकार होती तो हिंदुओं की बलि दी जाती। फैक्ट चेक ने इस बयान को फर्जी साबित किया है।
- 01मौलाना यासूब अब्बास ने विवादास्पद बयान नहीं दिया है, यह पूरी तरह फर्जी है।
- 02वायरल पोस्टकार्ड में मौलाना की तस्वीर को एडिट किया गया है।
- 03यासूब अब्बास ने कहा कि केवल उन्हीं जानवरों की कुर्बानी देनी चाहिए जिनकी अनुमति है।
- 04उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर इस फर्जी बयान का खंडन किया है।
- 05यासूब अब्बास लखनऊ के चौक थाने में एफआईआर कराने की योजना बना रहे हैं।
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ईद-उल-अजहा (बकरीद) के त्योहार से पहले, सोशल मीडिया पर शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास के नाम से एक विवादास्पद बयान वायरल हुआ। इस पोस्टकार्ड में दावा किया गया कि यदि भारत में मुसलमानों की सरकार होती, तो हिंदुओं की बलि दी जाती। हालांकि, फैक्ट चेक ने पुष्टि की है कि मौलाना यासूब ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी ऐसा कोई बयान नहीं मिला। वायरल पोस्टकार्ड में मौलाना की तस्वीर को एडिट किया गया है। यासूब अब्बास ने इस फर्जी बयान को खारिज करते हुए कहा है कि वे इस मामले में एफआईआर दर्ज कराएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुर्बानी केवल उन्हीं जानवरों की दी जानी चाहिए जिनकी अनुमति है और मुस्लिमों को गाय की तरफ नजर उठाकर नहीं देखना चाहिए।
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