तेलंगाना में मंत्रियों का 'शाही' दौरा, पीएम की अपील पर उठे सवाल
तेलंगाना में PM की अपील को लगा पलीता ! मंत्रियों के दौरे में दिखा हेलीकॉप्टर और 60 गाड़ियों का 'शाही' टशन
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तेलंगाना के मंत्रियों ने धान खरीद केंद्रों के निरीक्षण के लिए हेलीकॉप्टर और 60 गाड़ियों के काफिले का इस्तेमाल किया, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का मजाक उड़ाया गया। स्थानीय लोगों और विपक्ष ने इस 'शाही' दौरे की आलोचना की है, जिससे सरकारी खर्च पर सवाल उठ रहे हैं।
- 01मंत्रियों ने हैदराबाद से नलगोंडा के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग किया, जबकि सड़क मार्ग से दूरी केवल दो घंटे थी।
- 02मंत्रियों के काफिले में 60 गाड़ियाँ शामिल थीं, जिसमें लग्जरी एसयूवी और प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियाँ शामिल थीं।
- 03किसानों ने मंत्रियों के काफिले की तुलना में उनके काम पर अधिक ध्यान दिया और सवाल उठाए कि इतनी बड़ी संख्या में वाहनों की आवश्यकता क्यों थी।
- 04प्रधानमंत्री मोदी ने 10 मई को ईंधन बचाने की अपील की थी, जो मंत्रियों के इस व्यवहार के विपरीत है।
- 05विपक्ष ने इसे सरकारी संसाधनों की बर्बादी और पीएम की अपील का अपमान बताया।
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तेलंगाना के मंत्रियों ने हाल ही में धान खरीद केंद्रों के निरीक्षण के लिए एक विवादास्पद यात्रा की, जिसमें उन्होंने हेलीकॉप्टर और 60 गाड़ियों के काफिले का उपयोग किया। यह यात्रा हैदराबाद से नलगोंडा के लिए की गई, जहाँ सड़क मार्ग से केवल दो घंटे की दूरी थी। स्थानीय किसानों और विपक्ष ने इस 'शाही' दौरे की आलोचना की, यह कहते हुए कि इतनी बड़ी संख्या में वाहनों का उपयोग अनावश्यक था। किसानों ने मंत्रियों के काम की बजाय उनके काफिले पर अधिक ध्यान दिया, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या यह सरकारी संसाधनों की बर्बादी नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ईंधन बचाने की अपील की थी, जिसका यह व्यवहार स्पष्ट रूप से विरोधाभासी है। विपक्ष ने इसे पीएम की अपील का अपमान और जनता के पैसे का दुरुपयोग करार दिया है।
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इस घटना से स्थानीय किसानों और नागरिकों में सरकारी खर्च और संसाधनों के दुरुपयोग के प्रति आक्रोश बढ़ा है।
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