भोजशाला मामला: SC में याचिका, नमाज पर रोक, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
Bhojshala Case LIVE: नमाज पर रोक... पूजा को अनुमति, SC पहुंचा भोजशाला मामला, हाई अलर्ट पर धार

Image: News 18 Hindi
मध्य प्रदेश के धार जिले में भोजशाला को लेकर हाईकोर्ट के निर्णय के बाद मुस्लिम समुदाय को नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई है। इस फैसले के खिलाफ कमल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और शांति बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं।
- 01हाईकोर्ट ने भोजशाला परिसर को मंदिर के रूप में मान्यता दी है।
- 02पहली बार मुस्लिम समुदाय को जुम्मे की नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं मिली।
- 03कमल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है।
- 04सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है और मुस्लिम समाज प्रशासन के निर्देशों का पालन करेगा।
- 05भोजशाला परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) का नियंत्रण जारी रहेगा।
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मध्य प्रदेश के धार जिले में भोजशाला को लेकर हालिया हाईकोर्ट के निर्णय ने विवाद को बढ़ा दिया है। कोर्ट ने 15 मई को भोजशाला परिसर को मंदिर के रूप में मान्यता दी, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय को यहां नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। यह पहला मौका है जब जुम्मे की नमाज भोजशाला में नहीं होगी। मुस्लिम समुदाय ने इस फैसले को चुनौती देने के लिए कमल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है। सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने कहा कि वे यह साबित करने की कोशिश करेंगे कि यहां लंबे समय से नमाज अदा की जाती रही है। उन्होंने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाते हुए क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया है और शांति बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, भोजशाला परिसर में हिंदू समुदाय को पूजा-अर्चना की अनुमति दी गई है। इस फैसले के बाद से क्षेत्र की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।
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इस फैसले से मुस्लिम समुदाय के लोग जुम्मे की नमाज अपने घरों या नजदीकी मस्जिदों में अदा करेंगे।
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