पीपल की पूजा से शनि दोष दूर करने के लाभ और विधि
कुंडली में शनि कमजोर है तो शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा जरूर करें, जानें सही नियम और होने वाले फायदे
News 18 Hindi
Image: News 18 Hindi
भारत में शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा करने की परंपरा है, जो शनि दोष और अन्य ग्रहों की अशुभता को कम करने में मदद करती है। इस पूजा से मानसिक शांति, आर्थिक सुधार और पारिवारिक सुख की प्राप्ति हो सकती है।
- 01पीपल के पेड़ की पूजा से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है, जो मानसिक शांति और आर्थिक सुधार में सहायक है।
- 02शनिवार को पीपल की पूजा करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत मिल सकती है।
- 03पूजा विधि में जल, कच्चा दूध, काले तिल और सरसों के तेल का दीपक शामिल है।
- 04दीपक जलाने से शनि ग्रह को शांत करने में मदद मिलती है और कार्यों में रुकावटें कम होती हैं।
- 05पूजा करते समय सकारात्मक भावना रखनी चाहिए और वृक्ष को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।
Advertisement
In-Article Ad
भारत में पीपल के पेड़ की पूजा को आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, विशेषकर शनिवार को। मान्यता है कि इस दिन पीपल में देवी-देवताओं का वास होता है और इसकी पूजा करने से शनि दोष और अन्य ग्रहों की अशुभता कम हो सकती है। नियमित रूप से पीपल की पूजा करने से मानसिक शांति, आर्थिक सुधार और पारिवारिक सुख की प्राप्ति हो सकती है। पूजा विधि में स्नान के बाद पीपल की जड़ में जल, कच्चा दूध और काले तिल अर्पित करना शामिल है। इसके बाद सरसों के तेल का दीपक जलाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान शनि मंत्र का जाप करना भी लाभकारी होता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यह उपाय शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से गुजर रहे व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है।
Advertisement
In-Article Ad
पीपल की पूजा से शनि दोष और अन्य ग्रहों की अशुभता को कम करने का विश्वास है, जो व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आप शनिवार को पीपल की पूजा करते हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




