जर्दालू आम: राष्ट्रपति को भेंट किया जाने वाला विशेष फल
हर साल राष्ट्रपति को तोहफे में परोसा जाता है ये खास आम, 200 साल पुराना इतिहास और अनोखी खुशबू बनाती है खास

Image: Ndtv
जर्दालू आम, जो बिहार के भागलपुर जिले में उगता है, का इतिहास 200 साल पुराना है। यह आम हर साल राष्ट्रपति को तोहफे में दिया जाता है और इसकी खुशबू और स्वाद इसे खास बनाते हैं। इसे 2018 में जीआई टैग भी मिला है।
- 01जर्दालू आम का पहला पेड़ 1810-1820 के बीच राजा रहमत अली खान द्वारा लगाया गया था।
- 02यह आम भागलपुर की जलोढ़ मिट्टी में उगता है, जो इसकी खासियत का कारण है।
- 03जर्दालू आम को 28 मार्च 2018 को जीआई टैग मिला, जो इसे विश्व में अद्वितीय बनाता है।
- 04इस आम की खुशबू इतनी तेज होती है कि इसे दूर से ही महसूस किया जा सकता है।
- 05जर्दालू आम को सीधे किसानों से खरीदना और खाने से पहले ठंडे पानी में रखना चाहिए।
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जर्दालू आम, जो बिहार के भागलपुर जिले में उगता है, एक विशेष फल है जिसे हर साल राष्ट्रपति को भेंट किया जाता है। इसकी कहानी लगभग 200 साल पुरानी है, जब राजा रहमत अली खान ने इसका पहला पेड़ लगाया था। जर्दालू आम की विशेषता इसकी खुशबू, रंग और स्वाद में है। यह आम हल्के पीले रंग का होता है और इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है। भागलपुर की जलोढ़ मिट्टी और मौसम इसे अद्वितीय बनाते हैं। इसे 28 मार्च 2018 को जीआई टैग भी मिला, जो इसे विश्व स्तर पर विशेष बनाता है। जर्दालू आम को सीधे किसानों से खरीदने की सलाह दी जाती है, और इसे खाने से पहले ठंडे पानी में रखने से इसका स्वाद और बढ़ जाता है।
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जर्दालू आम की खेती से स्थानीय किसानों को आर्थिक लाभ होता है और यह बिहार की पहचान बन चुका है।
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