शशि थरूर के बयान पर बीजेपी नेता अन्नामलाई का तीखा जवाब
'हिंदी थोपी गई तो साउथ नहीं मानेगा', थरूर के बयान पर अन्नामलाई का पलटवार
Aaj Tak
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भारतीय राजनीति के तीन प्रमुख नेताओं के बीच एक मंच पर हुई बहस में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के प्रयासों पर दक्षिण भारत के विरोध की चेतावनी दी। बीजेपी नेता के अन्नामलाई ने थरूर के तर्कों का जवाब देते हुए नए परिसीमन मॉडल का समर्थन किया।
- 01शशि थरूर ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के प्रयासों पर दक्षिण भारत के विरोध की चेतावनी दी।
- 02थरूर ने उत्तर भारत की बढ़ती जनसंख्या के कारण सीटों के पुनर्वितरण पर चिंता जताई।
- 03बीजेपी नेता अन्नामलाई ने नए परिसीमन मॉडल का समर्थन किया और थरूर के तर्कों का खंडन किया।
- 04तेजस्वी सूर्या ने बंगाल में वैचारिक बदलाव की बात की।
- 05थरूर ने बंगाल में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के मुद्दे को उठाया।
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स्टैनफोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के प्रयासों के खिलाफ दक्षिण भारत के विरोध की चेतावनी दी। उन्होंने उत्तर भारत की जनसंख्या वृद्धि के कारण सीटों के पुनर्वितरण पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे उत्तर भारत को संसद में दो-तिहाई बहुमत मिल सकता है। थरूर ने उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने की पुरानी मांग का भी जिक्र किया। बीजेपी नेता के अन्नामलाई ने थरूर के तर्कों का जवाब देते हुए नए परिसीमन मॉडल का समर्थन किया और कहा कि जनगणना के अनुसार सीटों का वितरण स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी बताया कि तमिलनाडु को नए मॉडल में 59 सीटें मिल रही हैं। इसके अलावा, बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने बंगाल में वैचारिक बदलाव की बात की। थरूर ने बंगाल में वोटर लिस्ट से नाम हटाने का मुद्दा उठाते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
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यह बहस उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच राजनीतिक खींचतान को दर्शाती है, जो भविष्य में संसदीय सीटों के पुनर्वितरण पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।
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