भंडारी बाग आरओबी परियोजना में 700 टन लोहा अटका, 60 LPG सिलिंडरों की कमी
देहरादून पहुंचा 700 टन लोहा पर अटका काम, 60 LPG सिलिंडरों की कमी से अटका भंडारी बाग आरओबी का काम
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भंडारी बाग रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) परियोजना में 700 टन लोहे के हिस्से देहरादून पहुंच चुके हैं, लेकिन 60 LPG सिलिंडरों की कमी के कारण असेंबलिंग में देरी हो रही है। निर्माण कंपनी ने सिलिंडरों की मांग की थी, लेकिन आपूर्ति विभाग की सुस्ती से काम में लगातार विलंब हो रहा है।
- 01700 टन लोहे के हिस्से देहरादून पहुंचे हैं, लेकिन असेंबलिंग रुकी हुई है।
- 0260 LPG सिलिंडरों की कमी से निर्माण में देरी हो रही है।
- 03निर्माण कंपनी ने सिलिंडरों की आपूर्ति के लिए कई बार अनुरोध किया।
- 04रेलवे के इंजीनियरों ने पुल के निर्माण के लिए आकलन शुरू किया है।
- 05परियोजना की कुल लागत 43 करोड़ रुपये है, जिसमें से 10 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
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भंडारी बाग रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) परियोजना में 700 टन लोहे के हिस्से देहरादून पहुंच चुके हैं, लेकिन 60 LPG सिलिंडरों की कमी के कारण असेंबलिंग का काम रुका हुआ है। निर्माण कंपनी लीशा इंजीनियर्स लिमिटेड ने सिलिंडरों की मांग की थी, लेकिन आपूर्ति विभाग की सुस्ती के कारण काम में लगातार विलंब हो रहा है। ईरान और इजराइल के बीच युद्ध के चलते एलपीजी संकट गहरा गया था, जिससे सिलिंडरों की आपूर्ति में बाधा आई। अब जब हालात सामान्य हो रहे हैं, तब भी विभाग ने आपूर्ति में कोई तेजी नहीं दिखाई है। रेलवे के इंजीनियरों ने पुल के निर्माण के लिए आवश्यक ढांचों का आकलन करना शुरू कर दिया है, जिसमें एक माह का समय लगेगा। परियोजना की कुल लंबाई लगभग 578 मीटर है और इसकी लागत 43 करोड़ रुपये है, जिसमें से 10 करोड़ रुपये पहले ही खर्च हो चुके हैं।
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इस परियोजना में देरी से स्थानीय निवासियों और यात्रियों को रेलवे सेवाओं में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
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