गुरुग्राम नगर निगम की बैठक में पार्षदों का हंगामा, निगमायुक्त पर उठे सवाल
गुरुग्राम नगर निगम की बैठक में फोन न उठाने पर पार्षदों ने निगमायुक्त को घेरा, 'चमचा' बोलने पर बिगड़ा माहौल
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गुरुग्राम नगर निगम की बैठक में पार्षदों ने निगमायुक्त प्रदीप दहिया पर फोन नहीं उठाने और शिकायतों का जवाब न देने का आरोप लगाया। बैठक के दौरान पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई, जबकि मेयर ने शालीनता बनाए रखने की अपील की। पार्षदों ने बूस्टिंग स्टेशनों के लिए स्थायी मैनपावर की मांग की।
- 01पार्षदों ने निगमायुक्त पर फोन न उठाने का आरोप लगाया।
- 02बैठक में पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई।
- 03बूस्टिंग स्टेशनों के लिए स्थायी मैनपावर की मांग की गई।
- 04निगमायुक्त ने तकनीक आधारित समाधान का भरोसा दिया।
- 05मेयर ने सभी से शालीनता बनाए रखने की अपील की।
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गुरुग्राम नगर निगम की सामान्य सदन बैठक सोमवार को हंगामेदार रही। पार्षदों ने निगमायुक्त प्रदीप दहिया पर आरोप लगाया कि वह फोन नहीं उठाते और शिकायतों का जवाब नहीं देते। वार्ड-36 के पार्षद नारायण भड़ाना ने कहा कि उनके वार्ड में 78 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद पानी की मोटर बार-बार खराब हो रही है। बैठक के दौरान पार्षद अनूप सिंह और दलीप साहनी के बीच तीखी बहस हुई, जब अनूप ने 'चमचा' कहे जाने पर सवाल उठाया। मेयर राजरानी मल्होत्रा ने सभी पार्षदों से शालीनता बनाए रखने की अपील की। पार्षदों ने बूस्टिंग स्टेशनों के लिए स्थायी मैनपावर की मांग की, जिससे पानी की आपूर्ति व्यवस्था में सुधार हो सके। निगमायुक्त ने भरोसा दिलाया कि अगले छह महीने में तकनीक आधारित समाधान लागू किया जाएगा। बैठक में माइक्रो डाटा सेंटर स्थापित करने की योजना भी पेश की गई, जिससे बूस्टिंग स्टेशनों की निगरानी की जाएगी।
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पार्षदों की मांगों के अनुसार यदि स्थायी मैनपावर उपलब्ध कराया जाता है, तो इससे पानी की आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा, जिससे नागरिकों को बेहतर सेवा मिलेगी।
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