बुंदेलखंड में सूखा की आशंका: कृषि मंत्री ने किसानों को दी सलाह
बुंदेलखंड में फिर पड़ेगा सूखा? अल नीनो के साये में 2026 का मानसून; UP कृषि मंत्री ने कानपुर में जताई बड़ी आशंका
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उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अल नीनो के प्रभाव से बुंदेलखंड में सूखा पड़ने की आशंका जताई है। उन्होंने किसानों को कम पानी की जरूरत वाली फसलों की खेती करने की सलाह दी, साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- 01कृषि मंत्री ने कहा कि अल नीनो से मौसम में बदलाव आ सकता है, जिससे सूखा पड़ सकता है।
- 02प्रदेश में 110 लाख हेक्टेयर में खाद्यान्न उत्पादन का विस्तार किया जाएगा।
- 03इस वर्ष 95 करोड़ रुपये प्राकृतिक खेती योजना के तहत व्यय किए जाएंगे।
- 04किसानों ने सरकारी उपेक्षा और बिजली कटौती की समस्याओं की शिकायत की।
- 05मंत्री ने किसानों को गोपालन और कंपोस्ट बनाने की प्राथमिकता देने का सुझाव दिया।
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उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कानपुर में आयोजित मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में अल नीनो के प्रभाव से सूखा पड़ने की आशंका जताई। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे कम पानी की जरूरत वाली फसलों पर ध्यान दें, खासकर बुंदेलखंड क्षेत्र में। मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, जिससे किसानों को स्वस्थ फसलें मिल सकें। इस वर्ष, प्रदेश में 110 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खाद्यान्न उत्पादन का विस्तार करने की योजना है, और 95 करोड़ रुपये प्राकृतिक खेती योजना के तहत व्यय किए जाएंगे। गोष्ठी में किसानों ने अपनी समस्याएं साझा की, जिसमें बिजली कटौती और फसलों की बिक्री में कठिनाइयां शामिल थीं। मंत्री ने इन समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया और किसानों को गोपालन और कंपोस्ट बनाने पर जोर देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए हमें आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना होगा।
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किसानों को सलाह दी गई है कि वे कम पानी की जरूरत वाली फसलों पर ध्यान दें, जिससे सूखे के समय में उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें।
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