संयुक्त राष्ट्र के अल नीनो पूर्वानुमान से भारत में मानसून की चिंता बढ़ी
मानसून आया नहीं, खौलते पानी को लेकर संयुक्त राष्ट्र के इस मैप ने भारत को दे दी टेंशन

Image: Zee News
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने एक मैप जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि समुद्र का तापमान सामान्य से अधिक होने के कारण भारत में इस साल मानसून कमजोर हो सकता है। अल नीनो की संभावना 80% है, जिससे बारिश के पैटर्न में बदलाव आ सकता है।
- 01WMO के अनुसार, अल नीनो की संभावना 80% है, जो बारिश के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है।
- 02भारत को ऑरेंज कलर में दिखाया गया है, जो सूखे की चेतावनी देता है।
- 03श्रीलंका को ब्लू कलर में दिखाया गया है, जो सामान्य से अधिक बारिश का संकेत है।
- 04प्रशांत महासागर का असामान्य तापमान अल नीनो को तेज कर रहा है।
- 05IMD ने भी मानसून के लेट होने की संभावना जताई है।
Advertisement
In-Article Ad
भारत में मानसून अभी तक नहीं आया है, जबकि विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने एक मैप जारी किया है, जिसमें समुद्र के गर्म होने के कारण अल नीनो की चेतावनी दी गई है। WMO के अनुसार, अल नीनो की संभावना 80% है, जिससे बारिश के पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकते हैं। भारत को इस मैप में ऑरेंज कलर में दिखाया गया है, जो सूखे का संकेत है, जबकि श्रीलंका को सामान्य से अधिक बारिश का संकेत देने के लिए ब्लू कलर में दिखाया गया है। प्रशांत महासागर के तापमान में वृद्धि के कारण अल नीनो की तीव्रता बढ़ रही है, जिससे मौसम की चरम घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। IMD ने भी मानसून के लेट होने की संभावना को स्वीकार किया है। WMO की चेतावनी के अनुसार, सरकारों को इस स्थिति के अनुसार अपनी तैयारी करनी होगी, क्योंकि इसका जनजीवन पर प्रभाव पड़ सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
भारत में मानसून की देरी और अल नीनो के प्रभाव से सूखा पड़ सकता है, जिससे कृषि और जल आपूर्ति प्रभावित होगी।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि इस साल भारत में मानसून सामान्य रहेगा?
Connecting to poll...
More about विश्व मौसम विज्ञान संगठन
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।







