अल-नीनो के प्रभाव से भारत में कमजोर होगा मानसून: WMO की चेतावनी
कम बारिश और ज्यादा तपिश... अल-नीनो बिगाड़ेगा भारत में मानसून का खेल, WMO की चेतावनी

Image: Jagran
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने अल-नीनो के कारण भारत में मानसून के कमजोर रहने की चेतावनी दी है। जून से अगस्त के बीच अल-नीनो बनने की 80 प्रतिशत संभावना है, जिससे गर्मी और बारिश के पैटर्न में बदलाव आएगा। सरकार ने सूखा और लू के खतरों के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।
- 01अल-नीनो की 80 प्रतिशत संभावना है कि यह जून से अगस्त के बीच सक्रिय होगा।
- 02WMO ने 2023-24 के अल-नीनो को रिकॉर्ड पर सबसे मजबूत में से एक बताया है।
- 03कृषि मंत्रालय ने आपातकालीन योजनाओं को जिला स्तर पर लागू करने का निर्देश दिया है।
- 04IMD ने इस साल सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई है, जिसमें 60 प्रतिशत कमी का अनुमान है।
- 05सरकार ने सूखा-रोधी किस्मों और कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।
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विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने हाल ही में अल-नीनो के बढ़ते प्रभावों के बारे में चेतावनी दी है, जो भारत के मानसून पर नकारात्मक असर डाल सकता है। WMO के अनुसार, जून से अगस्त के बीच अल-नीनो बनने की 80 प्रतिशत संभावना है, जिससे भारत में सामान्य से अधिक गर्मी और बारिश के पैटर्न में बदलाव देखने को मिल सकता है। WMO महासचिव सेलेस्टे साउलो ने बताया कि 2023-24 का अल-नीनो रिकॉर्ड पर सबसे मजबूत में से एक है, जो वैश्विक तापमान में वृद्धि में योगदान कर रहा है। सरकार ने सूखा, भारी बारिश और लू के खतरों के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को सतर्क रहने और मौसम-आधारित कृषि सलाह का पालन करने का निर्देश दिया है। IMD ने इस साल सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई है, जिससे कृषि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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किसानों को फसल उत्पादन और जल प्रबंधन में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
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