दिल्ली के रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने की योजना
दिल्ली के कई रेलवे स्टेशनों के बदल सकते हैं नाम, जानें नाम बदलने के पीछे की वजह
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दिल्ली में शकूरबस्ती और बिजवासन रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने पर विचार चल रहा है। यह बदलाव इन स्टेशनों के विकास और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बढ़ते दबाव को कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
- 01शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म की संख्या 3 से बढ़कर 6 हो गई है।
- 02बिजवासन रेलवे स्टेशन को बड़े रेल केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
- 03नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर दबाव कम करने के लिए कई छोटे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
- 042650 करोड़ रुपये की लागत से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
- 05कुछ अन्य स्टेशनों के नाम के आगे 'दिल्ली' जोड़ने पर भी चर्चा चल रही है।
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दिल्ली के कुछ प्रमुख रेलवे स्टेशनों, जैसे शकूरबस्ती और बिजवासन, के नाम बदलने की योजना बनाई जा रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन का विकास हाल के वर्षों में बड़े स्तर पर किया गया है, जिसमें प्लेटफॉर्म की संख्या 3 से बढ़कर 6 हो गई है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से कुछ ट्रेनों को इन स्टेशनों पर स्थानांतरित करने की योजना है, जिससे इनका नाम भी प्रमुख क्षेत्रों के आधार पर बदला जा सकता है। बिजवासन रेलवे स्टेशन को भी बड़े रेल केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, सदर बाजार, आदर्श नगर, पटेल नगर और तिलक ब्रिज जैसे स्टेशनों के नाम के आगे 'दिल्ली' जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। रेलवे का मुख्य उद्देश्य नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बढ़ते दबाव को कम करना है, जिसके लिए 2650 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास की योजना बनाई गई है।
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दिल्ली के रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने से स्थानीय यात्रियों को सुविधा और पहचान में सुधार होगा।
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